Insurance Sector में भी CIBIL जैसी व्यवस्था! प्रीमियम तय होगा आपके बीमा स्कोर पर, जानें पूरी डिटेल
अब सिर्फ बैंकिंग सेक्टर ही नहीं, बल्कि इंश्योरेंस सेक्टर भी CIBIL जैसी स्कोरिंग प्रणाली अपनाने जा रहा है। इसका मतलब साफ है: अब आपका बीमा प्रीमियम भी आपके इंश्योरेंस स्कोर पर तय होगा।
क्यों आ रही है ये व्यवस्था?
भारत में हर साल इंश्योरेंस कंपनियों को ₹12,000-15,000 करोड़ का नुकसान फर्जी क्लेम से होता है। कुल दावों में से 10-15% में धोखाधड़ी पाई जाती है, जिसका बोझ ईमानदार ग्राहकों को 18-22% ज्यादा प्रीमियम के रूप में उठाना पड़ता है।
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया लंबे समय से एक पारदर्शी सिस्टम की मांग कर रही थी ताकि यह पता लगाया जा सके:
- कौन बार-बार फर्जी दावे कर रहा है?
- किन ग्राहकों ने सही तरीके से दावे किए हैं?
- किस ग्राहक का प्रीमियम कम या ज्यादा होना चाहिए?
अब CIBIL जैसी बीमा स्कोरिंग व्यवस्था लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
क्या है बीमा का स्कोर?
जिस तरह बैंकिंग में CIBIL स्कोर आपके लोन और क्रेडिट कार्ड की रिपेमेंट हिस्ट्री से बनता है, वैसे ही इंश्योरेंस में यह स्कोर आपके:
- क्लेम हिस्ट्री
- पॉलिसी लैप्स की जानकारी
- फर्जी दावों में संलिप्तता
- प्रीमियम पेमेंट हिस्ट्री
- पर आधारित होगा।
इस स्कोर का सीधा असर आपके प्रीमियम पर पड़ेगा। अगर आपने समय पर प्रीमियम भरा है और सही क्लेम किए हैं, तो आपका प्रीमियम कम होगा। वहीं अगर आपने गलत दावा किया या फर्जी दस्तावेज दिए, तो अगली बार प्रीमियम ज्यादा देना पड़ेगा या पॉलिसी मिलने में दिक्कत आएगी।
CIBIL जैसे सिस्टम से क्या फायदे होंगे?
ईमानदार ग्राहकों को फायदा: सही दावे करने वालों को जल्दी क्लेम मिलेगा।
फर्जी दावों पर रोक: बार-बार फर्जी दावे करने वालों पर नजर रखी जाएगी।
बीमा सेक्टर में पारदर्शिता: लोग बीमा पर ज्यादा भरोसा करेंगे, और ज्यादा लोग बीमा खरीदेंगे।
प्रीमियम स्थिर रहेगा: फर्जी क्लेम कम होने से बीमा कंपनियों का नुकसान घटेगा और प्रीमियम स्थिर रहेगा।
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती: बीमा कवरेज बढ़ने से हेल्थ और फाइनेंशियल सेक्टर मजबूत होगा।
बीमा क्यों जरूरी है?
बीमा केवल एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी है।
- आर्थिक सुरक्षा: मेडिकल खर्चों से बचाव।
- बेहतर इलाज: समय पर ट्रीटमेंट संभव।
- जीवन स्तर में सुधार: फाइनेंशियल स्ट्रेस कम।
- GDP में वृद्धि: बीमा कवरेज बढ़ने से अर्थव्यवस्था मजबूत।
- सामाजिक स्थिरता: अचानक आर्थिक झटकों से सुरक्षा।
आगे क्या होगा?
अगर इंश्योरेंस सेक्टर में CIBIL जैसी व्यवस्था लागू होती है, तो बीमा सेक्टर अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।
- ईमानदार ग्राहकों को सस्ता प्रीमियम और आसान क्लेम मिलेगा।
- बीमा कंपनियां धोखाधड़ी पर कंट्रोल कर पाएंगी।
- लोग बीमा को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग में जरूरी हिस्सा बनाएंगे।
निष्कर्ष
बीमा लेना आज के समय में उतना ही जरूरी है जितना सेविंग्स करना। और अब जब बीमा सेक्टर में भी स्कोरिंग व्यवस्था आने जा रही है, तो जरूरी है कि आप समय पर प्रीमियम भरें और सही क्लेम करें, ताकि आपका बीमा स्कोर अच्छा बना रहे और आपको सस्ता और बेहतर कवर मिल सके।
FAQs Insurance Sector
इंश्योरेंस स्कोर क्या होगा?
जैसे CIBIL स्कोर आपके लोन भुगतान पर बनता है, इंश्योरेंस स्कोर आपके क्लेम और प्रीमियम पेमेंट हिस्ट्री पर बनेगा।
स्कोर का असर किस पर होगा?
आपके हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर असर पड़ेगा।
स्कोर खराब होने पर क्या होगा?
फर्जी क्लेम या देर से प्रीमियम देने पर स्कोर खराब होगा, जिससे अगली बार पॉलिसी महंगी या रिजेक्ट हो सकती है।
सही ग्राहक को फायदा कैसे होगा?
सही समय पर प्रीमियम देने और क्लेम में ईमानदारी रखने पर कम प्रीमियम और तेज क्लेम अप्रूवल मिलेगा।
कब से लागू हो सकता है ये सिस्टम?
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, उम्मीद है अगले 1-2 साल में इसे रोलआउट कर दिया जाएगा।
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