Avoid Gadgets in Plane – हवाई जहाज में न ले जाएं ये 4 गैजेट्स, बन सकते हैं ब्लास्ट का कारण – जानिए क्यों और कैसे करें बचाव
हवाई यात्रा आधुनिक जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. लोग अपने बिज़नेस, ट्रैवल या फैमिली ट्रिप के लिए अकसर हवाई जहाज से सफर करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके कुछ छोटे से गैजेट्स एक बड़े हवाई हादसे का कारण बन सकते हैं?
“एक छोटी सी लापरवाही, हज़ारों फीट की ऊँचाई पर सैकड़ों जिंदगियों को जोखिम में डाल सकती है.”
हाल ही में अहमदाबाद से लंदन जा रही एक फ्लाइट में दुर्घटना की खबर ने यात्रियों को चौकन्ना कर दिया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के कारण तकनीकी समस्या पैदा हुई थी. ऐसे मामलों को देखते हुए यह जरूरी है कि हम जानें कि कौन से गैजेट्स को हवाई यात्रा में साथ ले जाना सुरक्षित नहीं होता.
यहां हम चर्चा करेंगे उन 4 खतरनाक गैजेट्स की, जिनका हवाई जहाज में इस्तेमाल या साथ ले जाना न सिर्फ सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान के लिए भी खतरा हो सकता है.
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अत्यधिक क्षमता वाले पावर बैंक (27000 mAh से अधिक)
आजकल हर कोई मोबाइल फोन के साथ पावर बैंक भी साथ रखता है, लेकिन अगर आपका पावर बैंक 27000 mAh (लगभग 100 Wh) से अधिक क्षमता का है, तो उसे विमान में ले जाना नियमों के खिलाफ है.
क्यों है खतरनाक?
अत्यधिक क्षमता वाली लिथियम-आयन बैटरियों में ओवरहीटिंग और फायर का खतरा ज्यादा होता है.
एयर प्रेशर में बदलाव और बैटरी की खराबी ब्लास्ट का कारण बन सकती है.
कुछ केसों में तो केबिन में धुआं भरने जैसी घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं.
क्या करें?
हमेशा 10000 mAh या 20000 mAh तक के ही पावर बैंक साथ रखें.
यदि क्षमता अधिक हो, तो एयरलाइन से पहले ही अनुमति लें.
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ई-सिगरेट और वेपिंग डिवाइसेज
ई-सिगरेट आज की युवा पीढ़ी में काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इन्हें विमान में ले जाना या फ्लाइट के दौरान इस्तेमाल करना सख्त मना है.
क्यों है खतरनाक?
इनमें लिक्विड निकोटीन और लिथियम बैटरी होती है, जो तापमान बढ़ने पर ब्लास्ट कर सकती है.
धुंआ निकलने पर स्मोक डिटेक्टर अलार्म एक्टिव हो सकता है.
फ्लाइट क्रू के लिए इन डिवाइस की मौजूदगी चिंता का विषय बन जाती है.
क्या करें?
इन डिवाइसेज को चेक-इन लगेज में बिल्कुल न रखें.
कैबिन बैग में रखते समय बैटरी को निकाल दें और डिवाइस को पैक करके रखें.
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स्मार्ट बैग जिनकी बैटरी नहीं निकाली जा सकती
स्मार्ट लगेज जैसे बैग्स जिनमें USB पोर्ट, जीपीएस, डिजिटल लॉक जैसे फीचर्स होते हैं, आजकल खूब चलन में हैं. लेकिन अगर इन बैग्स की बैटरी को अलग नहीं किया जा सकता, तो इन्हें विमान में ले जाना खतरनाक साबित हो सकता है.
क्यों है खतरनाक?
इन बैग्स में लगी लिथियम बैटरी अगर कार्गो में एक्टिव हो गई, तो फायर का खतरा बढ़ सकता है.
इन बैटरीज़ पर एयरलाइंस का कंट्रोल नहीं होता, जिससे रेंडम एक्टिवेशन हो सकता है.
क्या करें?
ऐसा बैग खरीदें जिसकी बैटरी डिटैचेबल हो.
बैटरी को निकालकर हाथ में रखें और बैग को चेक-इन में डालें.
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अन्य अनजाने बैटरी-चालित डिवाइसेज (जैसे ड्रोन्स, कैमरे, हैंडहीटर)
कई बार यात्री अपने साथ ऐसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले आते हैं जिनमें पावरफुल बैटरी होती है, लेकिन वे यह नहीं जानते कि यह भी प्रतिबंधित हो सकते हैं.
उदाहरण
हाई-पावर कैमरे या DSLR जिनमें बड़ी बैटरी लगी होती है.
ड्रोन्स और हैंड हीटर्स जो ट्रिगर से एक्टिव हो सकते हैं.
खिलौने जो मूवमेंट या साउंड से ऑन हो जाते हैं.
क्या करें?
बैटरी को अलग कर दें या डिवाइस को पूरी तरह से ऑफ करके कैरी करें.
नियमों के बारे में एयरलाइन की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें.
यात्रा से पहले क्या सावधानियां बरतें?
एयरलाइन की वेबसाइट जरूर पढ़ें: बैगेज और बैटरी चालित उपकरणों के नियम चेक करें.
बैटरी क्षमता जांचें: 100 Wh से ज्यादा न हो.
डिवाइस ऑफ करके रखें: अगर ले जाना जरूरी है तो डिवाइस को बंद रखें.
बैटरी अलग करें: कैमरा, ड्रोन, स्मार्ट बैग आदि की बैटरियां निकालकर रखें.
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या 20000 mAh का पावर बैंक फ्लाइट में ले जा सकते हैं?
Ans: हां, 27000 mAh तक की अनुमति होती है, लेकिन इसे कैबिन बैग में ही रखें, चेक-इन में नहीं.
Q2. क्या ई-सिगरेट को फ्लाइट में साथ ले जा सकते हैं?
Ans: कुछ एयरलाइंस कैबिन में अनुमति देती हैं लेकिन फ्लाइट में इस्तेमाल सख्त मना है.
Q3. स्मार्ट बैग कैसा होना चाहिए?
Ans: ऐसा बैग जिसमें लिथियम बैटरी अलग की जा सके, ताकि जरूरत पर उसे निकालकर सुरक्षित रखा जा सके.
Q4. क्या ड्रोन्स ले जाना मना है?
Ans: हां, अधिकतर एयरलाइंस ड्रोन्स को कार्गो या फ्लाइट में ले जाने पर सख्त नियम लागू करती हैं. बैटरी निकालना अनिवार्य होता है.
Q5. अगर कोई डिवाइस गलती से ले गया तो क्या होगा?
Ans: एयरपोर्ट सिक्योरिटी उस डिवाइस को जब्त कर सकती है या आपको सफर से रोका जा सकता है. जुर्माना भी लग सकता है.
निष्कर्ष:
हवाई यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना सिर्फ एयरलाइंस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यात्रियों की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है. स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, लेकिन उसके साथ नियमों का पालन भी करें. एक जिम्मेदार यात्री बनें और आने-जाने का सफर सुरक्षित बनाएं.
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