CIBIL Score कैसे होता है कैलकुलेट? जानें ये 4 बातें, फिर बिना झंझट मिल जाएगा लोन
जब भी आप लोन लेने बैंक जाते हैं, सबसे पहले आपका CIBIL स्कोर (Credit Score) चेक होता है। यह आपके फाइनेंशियल बर्ताव का रिपोर्ट कार्ड होता है। स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है और 750+ स्कोर अच्छा माना जाता है। जितना ज्यादा स्कोर, उतना आसान लोन मिलना।
पर क्या आपने कभी सोचा है कि CIBIL स्कोर आखिर कैसे कैलकुलेट होता है?
इस गणित को समझ लेंगे तो स्कोर सुधारना और बिना दिक्कत लोन लेना आसान हो जाएगा।
CIBIL स्कोर कैलकुलेट करने में देखी जाती हैं ये 4 चीजें
Payment History – समय पर पेमेंट किया या नहीं (30%)
आपने लोन और क्रेडिट कार्ड की कितनी EMI समय पर दी, कितनी बार देर से दी, कितनी बार मिस की।
अगर समय पर पेमेंट नहीं करते, तो स्कोर गिरता है।
Credit Exposure – कितना क्रेडिट मिला और कितना इस्तेमाल किया (25%)
आपके नाम पर कुल कितना लोन और क्रेडिट लिमिट है और उसमें से कितना इस्तेमाल कर लिया।
लिमिट का 30-40% से ज्यादा इस्तेsमाल करने पर स्कोर गिरता है।
Credit Type – सिक्योर और अनसिक्योर लोन का बैलेंस (25%)
आपके पास कितने सिक्योर (जैसे होम लोन, गोल्ड लोन) और कितने अनसिक्योर (पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड) लोन हैं।
सिक्योर लोन ज्यादा होने पर स्कोर अच्छा रहता है।
लोन की अवधि भी देखी जाती है।
Other Loan Activities – लोन से जुड़ी बाकी गतिविधियां (20%)
हाल में कितने लोन लिए हैं, कितनी हार्ड इन्क्वायरी हुई है।
कितने अकाउंट ओपन-क्लोज हुए हैं।
ज्यादा इन्क्वायरी और ज्यादा लोन लेने से स्कोर गिर सकता है।
अच्छा CIBIL स्कोर क्यों जरूरी है?
बैंक और NBFC आपके स्कोर को देखकर तय करते हैं कि लोन देना सुरक्षित है या नहीं।
स्कोर अच्छा रहेगा तो आसानी से लोन और क्रेडिट कार्ड मिल जाएंगे।
ब्याज दरें कम मिलेंगी, और आपको ज्यादा लोन लिमिट मिल सकती है।
कितना स्कोर अच्छा माना जाता है?
750+ : Excellent (लोन मिलने के चांस हाई)
700-749 : Good (लोन मिल जाएगा, पर ब्याज दर थोड़ी ज्यादा हो सकती है)
650-699 : Average (कुछ NBFC लोन दे सकते हैं)
649 से कम : Poor (लोन मिलने में दिक्कत, ब्याज दर बहुत ज्यादा)
CIBIL स्कोर कितने समय में सुधरता है?
अगर आप लोन समय पर चुकाना शुरू करते हैं और क्रेडिट लिमिट का सही इस्तेमाल करते हैं, तो 6-12 महीने में अच्छा सुधार दिखने लगेगा। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन लगातार अच्छा व्यवहार बनाए रखने पर स्कोर पक्का सुधरता है।
CIBIL स्कोर क्यों खराब होता है?
- EMI मिस कर देना
- लोन डिफॉल्ट करना
- बार-बार लोन के लिए अप्लाई करना
- क्रेडिट कार्ड लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल
- ज्यादा हार्ड इन्क्वायरी होना
- क्रेडिट कार्ड अकाउंट अचानक बंद कर देना
- समय से पहले लोन बंद कराना (थोड़ा अस्थायी असर)
CIBIL स्कोर कैसे बढ़ा सकते हैं?
- सभी लोन और EMI समय पर चुकाएं।
- क्रेडिट कार्ड लिमिट का 30% से कम इस्तेमाल करें।
- ज्यादा बार लोन या कार्ड के लिए अप्लाई न करें।
- लंबी अवधि के सिक्योर लोन का बैलेंस रखें।
- साल में कम से कम एक बार CIBIL रिपोर्ट चेक करें।
- कोई गलती दिखे तो तुरंत ब्यूरो में शिकायत करें।
कहां से CIBIL स्कोर चेक कर सकते हैं?
- आप इन प्लेटफॉर्म्स पर फ्री में CIBIL स्कोर चेक कर सकते हैं:
- CIBIL की आधिकारिक वेबसाइट
- Paytm, Cred, Google Pay, Paisabazaar, BankBazaar
- HDFC, ICICI, SBI, Axis बैंक के ऐप
FAQs CIBIL Score
CIBIL स्कोर क्या होता है?
300-900 के बीच का स्कोर जो आपके लोन चुकाने की आदत दिखाता है।
अच्छा स्कोर क्या माना जाता है?
750 या उससे ज्यादा।
स्कोर क्यों गिरता है?
EMI मिस करने, ज्यादा क्रेडिट इस्तेमाल करने, बार-बार लोन अप्लाई करने से।
स्कोर कैसे सुधरेगा?
समय पर भुगतान और लिमिट का सही इस्तेमाल करने से।
स्कोर कितने समय में सुधरेगा?
6-12 महीने में सुधार दिखने लगेगा।
निष्कर्ष
CIBIL स्कोर समझना और इसे अच्छा रखना आपके फाइनेंशियल लाइफ के लिए जरूरी है।
अगर आप लोन लेना चाहते हैं, तो पहले इस स्कोर को मजबूत बनाएं, EMI समय पर भरें, क्रेडिट कार्ड लिमिट का समझदारी से इस्तेमाल करें। तभी बिना झंझट लोन मिलेगा और ब्याज दरें भी कम रहेंगी।
Thanks for visiting – Chandigarh News

