6 महीने में 11 लाख यूजर्स ने Groww Zerodha छोड़ दिया, क्यों टूट रहा है रिटेल निवेशकों का भरोसा?
ग्रो, जीरोधा, एंजेल वन और अपस्टॉक्स जैसी डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स को 2025 की पहली छमाही में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी टैरिफ, जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेबी की सख्ती ने ऐसा माहौल बना दिया कि रिटेल निवेशक तेजी से शेयर बाजार से दूर होने लगे हैं।
NSE के ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी से जून 2025 तक देश की चार सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स ने करीब 20 लाख एक्टिव इन्वेस्टर्स गंवा दिए हैं। इसमें Groww और Zerodha से ही करीब 11.5 लाख निवेशक चले गए।
किसे कितना झटका लगा?
पिछले साल 2024 में इन ब्रोकरेज फर्म्स ने एक करोड़ से ज्यादा नए निवेशक जोड़े थे। लेकिन 2025 की पहली छमाही में हालत बदल गई:
- Groww: 6 लाख एक्टिव इन्वेस्टर्स ने छोड़ा।
- Zerodha: 5.5 लाख यूजर्स ने छोड़ा।
- Angel One: 4.5 लाख यूजर्स ने छोड़ा।
- Upstox: 3 लाख यूजर्स ने छोड़ा।
केवल जून 2025 में ही 6 लाख एक्टिव यूजर्स इन चारों ब्रोकरेज फर्म्स से अलग हो गए।
क्यों भाग रहे हैं निवेशक?
SEBI की सख्ती:
SEBI ने पिछले साल F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडिंग में मार्जिन नियमों को सख्त किया और वीकली एक्सपायरी सीमित की। इससे छोटे निवेशकों की ट्रेडिंग क्षमता प्रभावित हुई।
F&O में घटता रुझान:
2023-24 के बुल रन में डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स ने छोटे शहरों के निवेशकों को F&O ट्रेडिंग में आकर्षित किया था। लेकिन बढ़ती वोलैटिलिटी और लगातार घाटे के बाद निवेशकों का भरोसा टूट रहा है।
मुनाफा बनाना मुश्किल:
बाजार की अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव ने लगातार प्रॉफिट बनाना मुश्किल कर दिया है, जिससे ट्रेडर्स बाहर हो रहे हैं।
SEBI की जागरूकता मुहिम:
निवेशकों को F&O के रिस्क के प्रति जागरूक किया गया, जिसके बाद बहुत से रिटेल ट्रेडर्स ने ट्रेडिंग से दूरी बना ली।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
राजेश पालविया (Axis Securities) का कहना है कि SEBI की सख्ती और जागरूकता अभियानों के चलते निवेशकों की F&O में दिलचस्पी घटी है। पहले छोटे शहरों से बड़ी संख्या में नए ट्रेडर्स डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स से जुड़े थे, लेकिन घाटों की वजह से वे अब बाहर हो रहे हैं।
नीरव करकेरा (Fisdom) बताते हैं कि अब निवेशकों का रुझान म्युचुअल फंड्स, PMS और AIFs की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि ये प्रफेशनल्स द्वारा मैनेज किए जाते हैं और रिस्क कम होता है।
कौन से ब्रोकर्स को फायदा हो रहा है?
जहां डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स से निवेशक दूर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर फुल-सर्विस ब्रोकर्स और छोटे इनोवेटिव प्लेटफॉर्म्स को फायदा हो रहा है।
HDFC Securities, ICICI Securities, Kotak Securities और SBICap Securities के एक्टिव निवेशकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
INDmoney, Dhan App और PhonePe के Share.market जैसे छोटे प्लेटफॉर्म्स ने भी नए निवेशकों को आकर्षित किया है।
रिटेल ट्रेडर्स क्यों हो रहे हैं परेशान?
कम रिसर्च और सपोर्ट:
डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स में रिसर्च सपोर्ट और गाइडेंस कम मिलता है, जिससे नए ट्रेडर्स गलत ट्रेड्स कर नुकसान झेलते हैं।
बढ़ती वोलैटिलिटी:
बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता ने ट्रेडर्स की कमाई पर असर डाला है।
अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन:
F&O में जल्दी अमीर बनने का सपना लेकर आए नए ट्रेडर्स घाटा होने पर निराश होकर बाजार छोड़ रहे हैं।
क्या निवेशक वापस आएंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता और लंबे समय के लिए निवेश का नजरिया रखने वाले निवेशक आगे चलकर वापस आएंगे। हालांकि, तेजी से पैसा कमाने की चाहत में आए नए निवेशक अब समझ रहे हैं कि शेयर बाजार में लंबी अवधि और सही रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है।
FAQs – Groww Zerodha और रिटेल निवेशकों पर गिरावट क्यों आई?
Q1: Groww और Zerodha से इतने निवेशक क्यों जा रहे हैं?
A: SEBI की सख्ती, F&O में घाटा और बढ़ती वोलैटिलिटी के चलते निवेशकों ने ट्रेडिंग से दूरी बनाई।
Q2: सबसे ज्यादा किस ब्रोकरेज फर्म से निवेशक गए?
A: Groww और Zerodha से 6 और 5.5 लाख निवेशक 6 महीने में गए।
Q3: क्या डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल फेल हो रहा है?
A: नहीं, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट और गाइडेंस की कमी से नए निवेशक घाटा उठाकर हट रहे हैं।
Q4: किसे फायदा हो रहा है?
A: HDFC Securities, ICICI Securities, Kotak और छोटे प्लेटफॉर्म्स को फायदा हो रहा है।
Q5: SEBI ने क्या सख्ती की है?
A: F&O ट्रेडिंग में मार्जिन नियम सख्त किए और वीकली एक्सपायरी सीमित की।
Q6: रिटेल निवेशक कहां शिफ्ट हो रहे हैं?
A: म्युचुअल फंड्स, PMS और AIFs की ओर जा रहे हैं।
Q7: क्या अब शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहिए?
A: लंबी अवधि और रिस्क मैनेजमेंट के साथ निवेश फायदेमंद हो सकता है।
Q8: क्या अब नए ट्रेडर्स को F&O करना चाहिए?
A: अगर रिस्क समझते हैं तो कर सकते हैं, वरना लंबी अवधि का निवेश बेहतर है।
Q9: क्या रिटेल निवेशकों की वापसी होगी?
A: बाजार स्थिर होने पर और सीखने के बाद निवेशक वापस आएंगे।
Q10: डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म्स को क्या सुधार करना चाहिए?
A: रिसर्च सपोर्ट, गाइडेंस और इन्वेस्टर एजुकेशन बढ़ानी चाहिए।
निष्कर्ष
2025 की पहली छमाही में Groww और Zerodha जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स से लाखों रिटेल निवेशकों का बाहर होना दिखाता है कि शेयर बाजार में पैसे कमाना आसान नहीं।
रिटेल निवेशकों को अब यह समझना होगा कि शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म नजरिया, रिस्क मैनेजमेंट और सही गाइडेंस सबसे जरूरी है। जल्द अमीर बनने के चक्कर में बिना प्लानिंग ट्रेडिंग में कूदना नुकसान दे सकता है।
क्या आप भी F&O में ट्रेडिंग कर रहे हैं या लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं? अपनी राय नीचे कमेंट में बताएं।
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