Chandigarh News In Hindi – Chandigarh News https://chandigarhnews.net Latest Chandigarh News Sat, 08 Nov 2025 06:07:02 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://chandigarhnews.net/wp-content/uploads/2025/04/chandigarh-news-logo-1.png Chandigarh News In Hindi – Chandigarh News https://chandigarhnews.net 32 32 Indian Amy on Lake News – देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है सैन्य साहित्य – चंडीगढ़ में हुआ मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल का शुभारंभ https://chandigarhnews.net/indian-amy-on-lake-news/ https://chandigarhnews.net/indian-amy-on-lake-news/#respond Sat, 08 Nov 2025 11:30:48 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63742 Indian Amy on Lake News – देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है सैन्य साहित्य – चंडीगढ़

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Indian Amy on Lake News – देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है सैन्य साहित्य चंडीगढ़ में हुआ मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल का शुभारंभ

Indian Amy on Lake News – देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में सैन्य साहित्य (Military Literature) की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। हमारे वीर सैनिकों के साहस, बलिदान और त्याग की कहानियों को साहित्य के माध्यम से आम जन तक पहुँचाना न केवल प्रेरणा का स्रोत बनता है, बल्कि यह एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में ठोस कदम भी है।

इसी विचार को साकार रूप देने के लिए चंडीगढ़ में तीन दिवसीय मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल (Military Literature Festival 2025) की शुरुआत हुई, जिसका उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को लेक क्लब स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया।

सैन्य साहित्य राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम” — राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

उद्घाटन समारोह में राज्यपाल कटारिया ने कहा कि भारत का युद्ध इतिहास बेहद समृद्ध है और इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा —

“हमारे वीर सैनिकों की गाथाएं केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरक कहानियां हैं। ऐसे में सही और प्रभावी सैन्य साहित्य का सृजन भारत को और अधिक सशक्त बनाएगा।”

राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को सेना के बलिदानों और देशभक्ति के भाव से जोड़ना बेहद जरूरी है। आज जब दुनिया में सामरिक प्रतिस्पर्धा और रक्षा तकनीकें तेजी से बदल रही हैं, ऐसे में देश की नई पीढ़ी को अपने इतिहास, वीरता और राष्ट्र गौरव से परिचित कराना अनिवार्य है।

थीम: बहु-क्षेत्रीय युद्ध में हृदयस्थल और सीमांत क्षेत्र की शक्तियां और भारत

इस वर्ष मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल की थीम “बहु-क्षेत्रीय युद्ध में हृदयस्थल और सीमांत क्षेत्र की शक्तियां और भारत” रखी गई है।

इस थीम के अंतर्गत भारत की सामरिक स्थिति, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उसकी भूमिका, और भविष्य के युद्धों में बहुआयामी दृष्टिकोण पर चर्चा की जा रही है।

फेस्ट का आयोजन पंजाब सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन, और वेस्टर्न कमांड के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इस दौरान कई रिटायर्ड ऑफिसर्स, रक्षा विशेषज्ञ, स्टूडेंट्स, और आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने सैन्य नायक

राज्यपाल कटारिया ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी दुश्मन उस देश पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता जो भीतर से एकजुट और आत्मनिर्भर हो। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा —

“हमारे बहादुर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पूरी दुनिया को भारत की शक्ति और क्षमता का परिचय कराया है। आज दुनिया भारत की रक्षा ताकत को पहचानती और सम्मान देती है।”

उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा से देश की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। चाहे वह आज़ादी के समय की लड़ाई रही हो या 1965 और 1971 का युद्ध — पंजाब के जवानों ने अपने साहस से देश का मस्तक ऊंचा किया है। यह राज्य आज भी देशभक्ति की मिसाल है।

मोटरसाइकिल चलाने के जुनून से जोड़कर बोले राज्यपाल

कार्यक्रम के दौरान गुलाब चंद कटारिया ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि वह युवावस्था में मोटरसाइकिल चलाने के शौकीन थे, और अगर आयोजक चाहें तो अगले साल के मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल में इस चुनौती को फिर से स्वीकार करेंगे।

उनका यह बयान उपस्थित लोगों में उत्साह और हंसी का माहौल लेकर आया।

तीन दिन तक चलेगी सैन्य विचार और रणनीति की संगोष्ठी

मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल 2025 सिर्फ एक प्रदर्शनी या कार्यक्रम नहीं, बल्कि रक्षा रणनीति, सैन्य विचार और ऐतिहासिक विमर्श का संगम है।

फेस्ट के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल टी.एस. शेरगिल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी गहरी समझ विकसित करना है।

आने वाले दो दिनों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशन और संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें देश-विदेश के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

पैनल चर्चाओं के प्रमुख विषय

इस फेस्टिवल में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:

  • बहु-क्षेत्रीय युद्ध में वायु शक्ति और ऑपरेशन सिंदूर
  • भारतीय और ब्रिटिश सेनाओं की साझा विरासत
  • 1965 के भारत-पाक युद्ध की वीरता जयंती
  • अफगान-पाक क्षेत्र और ईरान में बदलती सामरिक स्थिति

भारत की रक्षा नीति और भविष्य की चुनौतियाँ

इन चर्चाओं के माध्यम से युवा यह समझ सकेंगे कि कैसे भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ा रहा है।

सैन्य साहित्य का महत्व

सैन्य साहित्य केवल युद्ध कथाओं का संग्रह नहीं होता, बल्कि यह उन मूल्यों, सिद्धांतों और प्रेरणाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम है जिन पर एक राष्ट्र की नींव टिकी होती है।

यह साहित्य हमें सिखाता है कि त्याग, अनुशासन, और राष्ट्रप्रेम जैसे गुण ही किसी समाज को महान बनाते हैं।

इसके माध्यम से देश के नागरिकों को यह एहसास होता है कि सैनिक केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करते, बल्कि वे राष्ट्र की आत्मा के संरक्षक भी होते हैं।

चंडीगढ़ में सैन्य साहित्य की परंपरा

चंडीगढ़ लंबे समय से सैन्य गतिविधियों और रक्षा विमर्श का केंद्र रहा है। यहां स्थित वेस्टर्न कमांड देश की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों में से एक है।

इसलिए मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल का आयोजन इस शहर में होना न केवल उपयुक्त है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का एक बेहतरीन अवसर भी है।

युवाओं में देशभक्ति जगाने का माध्यम

राज्यपाल कटारिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि सैनिकों का जीवन केवल युद्ध नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यदि हम इन मूल्यों को अपने जीवन में उतार लें, तो हर नागरिक अपने क्षेत्र में देश का सच्चा सिपाही बन सकता है।

निष्कर्ष

मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल न केवल देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है, बल्कि यह भारत की रक्षा नीति, सैन्य रणनीति और वीरता की कहानियों को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त मंच बन गया है।

यह पहल नई पीढ़ी को यह सिखाती है कि “राष्ट्र निर्माण केवल हथियारों से नहीं, विचारों और मूल्यों से होता है।”

मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल से जुड़े महत्वपूर्ण FAQs

  1. मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल क्या है?

यह एक वार्षिक कार्यक्रम है जो भारत की सैन्य परंपरा, इतिहास और साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया जाता है।

  1. 2025 का मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल कहां आयोजित हुआ?

चंडीगढ़ के लेक क्लब स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में।

  1. फेस्टिवल का उद्घाटन किसने किया?

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने।

  1. इस वर्ष की थीम क्या थी?

“बहु-क्षेत्रीय युद्ध में हृदयस्थल और सीमांत क्षेत्र की शक्तियां और भारत।”

  1. इस फेस्ट का आयोजन किन संस्थाओं ने किया?

पंजाब सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड ने।

  1. फेस्टिवल के दौरान किन विषयों पर चर्चा होगी?

वायु शक्ति, ऑपरेशन सिंदूर, 1965 भारत-पाक युद्ध, भारत-ब्रिटिश सैन्य संबंध, और अफगान-पाक स्थिति पर।

  1. फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

युवाओं में देशभक्ति की भावना बढ़ाना और भारत के सैन्य इतिहास को संरक्षित करना।

  1. राज्यपाल ने युवाओं को क्या संदेश दिया?

उन्होंने कहा कि हर युवा को मातृभूमि की सेवा में सैनिकों के बलिदानों का महत्व समझना चाहिए।

  1. ऑपरेशन सिंदूर क्या है?

यह भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था जिसने देश की रक्षा शक्ति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया।

  1. मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल का लाभ समाज को कैसे मिलता है?

यह समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, और त्याग जैसे मूल्यों को प्रोत्साहित करता है और नागरिकों को सेना के योगदान से परिचित कराता है।

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Chandigarh and Haryana News – हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 77% कमी, सरकार का लक्ष्य है दो साल में बनाएंगे ‘Zero Stubble Burning State’ https://chandigarhnews.net/chandigarh-and-haryana-news/ https://chandigarhnews.net/chandigarh-and-haryana-news/#respond Sat, 08 Nov 2025 10:30:48 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63741 Chandigarh and Haryana News – हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 77% कमी, सरकार का लक्ष्य है दो साल

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Chandigarh and Haryana News – हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 77% कमी, सरकार का लक्ष्य है दो साल में बनाएंगे ‘Zero Stubble Burning State’

Chandigarh and Haryana News – हरियाणा सरकार ने पराली प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में 77 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है, जो पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

शुक्रवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और हरियाणा सरकार के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में आयोग ने हरियाणा के प्रयासों की सराहना करते हुए अगले दस दिनों को बेहद महत्वपूर्ण बताया और निगरानी को और कड़ा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि हरियाणा ने अब अगले दो वर्षों में “जीरो स्टबल बर्निंग स्टेट” बनने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में सरकार किसानों को प्रोत्साहन, तकनीकी सहायता और आधुनिक मशीनों की सुविधा दे रही है, ताकि पराली जलाने की आवश्यकता न रहे।

वायु गुणवत्ता आयोग ने सराहा हरियाणा मॉडल

बैठक की अध्यक्षता वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पराली प्रबंधन में जिस प्रकार से रणनीतिक कार्यवाही की है, वह अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है। विशेष रूप से करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों में निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था सराहनीय रही।

मुख्य सचिव ने बताया कि किसानों को बायो-डीकंपोजर पाउडर निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने 2 लाख एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना लागू की है। इस पाउडर के उपयोग से पराली खेत में ही गल जाती है और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है।

मशीनों की मदद से हो रहा पराली का प्रबंधन

हरियाणा सरकार ने 2025-26 वित्त वर्ष में पराली प्रबंधन के लिए 94 करोड़ रुपये की लागत से 7,700 नई मशीनें स्वीकृत की हैं। इसमें रोटावेटर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रॉ बेलर और हैप्पी सीडर जैसी आधुनिक मशीनें शामिल हैं।

इस योजना पर इस वर्ष 250.75 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार का अंशदान 150.45 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का 100.30 करोड़ रुपये है।

राज्य में वर्तमान में 8.17 लाख टन क्षमता के 31 पेलेटाइजेशन और ब्रीकेटिंग संयंत्र हैं। साथ ही, 111.9 मेगावाट क्षमता के 11 बायोमास पावर प्लांट, 1 एथेनॉल संयंत्र, 2 सीबीजी (Compressed Biogas) प्लांट और 5 थर्मल पावर प्लांट भी पराली का उपयोग कर रहे हैं।

ईंट भट्ठों में पराली आधारित ईंधन का प्रयोग

राज्य के गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्ठा संचालकों को 2025 तक 20 प्रतिशत और 2028 तक 50 प्रतिशत तक पराली आधारित पेलेट्स का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कदम से न केवल पराली का उपयोग बढ़ेगा बल्कि कोयले पर निर्भरता भी कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

  • पराली जलाने के आंकड़े: एक मजबूत सुधार की कहानी
  • राज्य के कुल 31 लाख एकड़ धान क्षेत्र में से लगभग
  • 40 लाख टन अवशेष इन-सिटू (खेत में ही प्रबंधन),
  • 10 लाख टन एक्स-सिटू (खेत से बाहर उपयोग),
  • और 22 लाख टन चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

अब तक 19,670 एकड़ क्षेत्र में किसानों ने धान की जगह वैकल्पिक फसलें अपनाई हैं — यह फसल विविधीकरण का सकारात्मक संकेत है।

सख्त निगरानी और जुर्माने की कार्रवाई

हरियाणा में 10,028 नोडल अधिकारी पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं।

हरसेक सैटेलाइट सिस्टम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है और हर सत्यापित घटना में एफआईआर दर्ज की जा रही है।

अब तक

  • 87 मामलों में कार्रवाई की गई है,
  • 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है,
  • और 20 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है।
  • साथ ही, 87 किसानों के रिकॉर्ड में “रेड एंट्री” की गई है, जिससे उन्हें दोबारा नियम तोड़ने से रोका जा सके।

प्रदूषण नियंत्रण में वाहन चालकों पर सख्ती

जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच 3,25,989 वाहनों के चालान जारी किए गए हैं, जिनके पास वैध Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट नहीं था।

सरकार ने साफ संदेश दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अब सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

19 स्थानों पर नई आग की घटनाएं

शुक्रवार को हरियाणा में 19 स्थानों पर नई आग की घटनाएं दर्ज की गईं।

इस प्रकार, कुल 224 एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) के मामले सामने आए हैं।

सबसे अधिक मामले फतेहाबाद, हिसार और सोनीपत (3-3) में मिले हैं, जबकि कैथल में 2 और रोहतक व सिरसा में 1-1 मामला पाया गया है।

किसानों को मिल रही प्रोत्साहन योजनाएं

सरकार किसानों को मशीनों पर सब्सिडी, फसल विविधीकरण पर प्रोत्साहन राशि, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक कर रही है।

साथ ही, पंचायत स्तर पर “पराली न जलाओ, मिट्टी बचाओ” अभियान चलाया जा रहा है।

कई जिलों में स्कूल और कॉलेज स्तर पर छात्रों को भी पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

लक्ष्य: 2027 तक पराली मुक्त हरियाणा

हरियाणा सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगले दो सालों में राज्य को “Zero Stubble Burning State” घोषित करने की दिशा में सभी विभाग मिलकर काम करेंगे।

इस दिशा में किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि धान की पराली अब प्रदूषण नहीं बल्कि ऊर्जा का स्रोत बने।

निष्कर्ष

हरियाणा का पराली प्रबंधन मॉडल देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों, किसानों के सहयोग और तकनीकी नवाचार के कारण आज पराली जलाने की घटनाओं में 77% तक की कमी दर्ज की गई है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दो वर्षों में हरियाणा वाकई भारत का पहला “Zero Stubble Burning State” बन सकता है।

हरियाणा पराली प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण FAQs

  1. हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कितनी कमी आई है?

2025 तक पराली जलाने की घटनाओं में 77% की कमी दर्ज की गई है।

  1. वायु गुणवत्ता आयोग की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

हरियाणा में पराली प्रबंधन की समीक्षा और आगामी रणनीति तय करना।

  1. बायो-डीकंपोजर पाउडर क्या है और इसका उपयोग कैसे होता है?

यह एक जैविक घोल है जो पराली को खेत में ही सड़ाकर मिट्टी में मिला देता है, जिससे पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती।

  1. किसानों को कौन-कौन सी मशीनें दी जा रही हैं?

रोटावेटर, स्ट्रॉ बेलर, हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस जैसी आधुनिक मशीनें।

  1. सरकार ने पराली प्रबंधन पर कितना निवेश किया है?

2025-26 में कुल 250.75 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

  1. पराली आधारित बिजली संयंत्र कहां-कहां चल रहे हैं?

हरियाणा में 11 बायोमास पावर प्लांट, 1 एथेनॉल संयंत्र, 2 सीबीजी और 5 थर्मल पावर प्लांट पराली से ऊर्जा बना रहे हैं।

  1. ईंट भट्ठों में पराली का उपयोग कब तक अनिवार्य होगा?

2025 तक 20% और 2028 तक 50% पराली आधारित पेलेट्स का उपयोग अनिवार्य होगा।

  1. किसानों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

87 मामलों में 4.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और एफआईआर दर्ज की गई।

  1. क्या वाहन प्रदूषण पर भी नियंत्रण किया जा रहा है?

हां, 3.25 लाख से अधिक वाहनों के चालान PUC सर्टिफिकेट न होने पर किए गए हैं।

  1. सरकार का अगला लक्ष्य क्या है?

अगले दो वर्षों में हरियाणा को “Zero Stubble Burning State” बनाना और वायु प्रदूषण को न्यूनतम स्तर पर लाना।

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Haryana Youth News – हरियाणा के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार का अवसर https://chandigarhnews.net/haryana-youth-news/ https://chandigarhnews.net/haryana-youth-news/#respond Sat, 08 Nov 2025 09:30:47 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63740 Haryana Youth News – हरियाणा के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार का अवसर Haryana Youth News – हरियाणा सरकार

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Haryana Youth News – हरियाणा के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार का अवसर

Haryana Youth News – हरियाणा सरकार अब राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम करने का मौका मिल रहा है।

यह भर्ती सिविल हेल्पर, राजमिस्त्री, शटरिंग कारपेंटर और स्टील फिक्सर जैसे तकनीकी पदों के लिए की जा रही है।

कुल 400 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं, और इच्छुक उम्मीदवार 16 नवंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

यूएई में नौकरी के लिए आवेदन प्रक्रिया

हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) ने यह भर्ती उन युवाओं के लिए शुरू की है जो विदेश में काम करने के इच्छुक हैं और तकनीकी कौशल रखते हैं।

इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को सीधे UAE में विभिन्न कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में नियुक्त किया जाएगा।

यह सभी पद कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड (Contract-Based) होंगे, जिनकी अवधि 1 से 2 वर्ष तक होगी।

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को HKRNL की आधिकारिक वेबसाइट hkrnl.itiharyana.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

चार श्रेणियों में कुल 400 पदों पर भर्ती

इस भर्ती के तहत कुल 400 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है

पद का नाम / पदों की संख्या / कॉन्ट्रैक्ट अवधि / आवश्यक अनुभव / मासिक वेतन (INR में)

  • सिविल हेल्पर / 100 / 1 वर्ष / 2 वर्ष / ₹31,233
  • राजमिस्त्री (Mason) / 100 / 2 वर्ष / 1 वर्ष / ₹37,475
  • शटरिंग कारपेंटर / 100 / 2 वर्ष / 1 वर्ष / ₹34,556
  • स्टील फिक्सर / 100 / 2 वर्ष / 2 वर्ष / ₹34,356

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी।

चयन प्रक्रिया और योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू (साक्षात्कार) के माध्यम से किया जाएगा।

योग्यता के तौर पर संबंधित क्षेत्र में प्रायोगिक अनुभव (Practical Experience) और तकनीकी ज्ञान आवश्यक है।

राजमिस्त्री, कारपेंटर या स्टील फिक्सर जैसे पदों के लिए ITI या संबंधित ट्रेड का अनुभव होना वांछनीय माना गया है।

चयनित उम्मीदवारों को मिलने वाली सुविधाएं

यूएई में काम करने जाने वाले चयनित उम्मीदवारों को केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं और भत्ते भी मिलेंगे

  • नि:शुल्क आवास (Free Accommodation)
  • परिवहन सुविधा (Transport Facility)
  • ओवरटाइम भत्ता (Overtime Allowance)
  • वार्षिक अवकाश (Annual Leave)
  • चिकित्सा सुविधा (Medical Benefits)
  • जीवन बीमा (Life Insurance)
  • नि:शुल्क भोजन या भोजन भत्ता (Free Meal/Allowance)

हालांकि उम्मीदवारों को वीजा की लागत स्वयं उठानी होगी, लेकिन अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं नियोक्ता द्वारा दी जाएंगी।

आवेदन की अंतिम तिथि – 16 नवंबर 2025

सभी इच्छुक उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2025 है।

इसके बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले अपनी योग्यता, अनुभव और पासपोर्ट संबंधी दस्तावेजों को तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई समस्या न हो।

आवेदन कैसे करें?

हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड की वेबसाइट hkrnl.itiharyana.gov.inपर किया जा सकता है।

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PU News – पंजाब यूनिवर्सिटी में फिर गूंजा आंदोलन का स्वर https://chandigarhnews.net/pu-news/ https://chandigarhnews.net/pu-news/#respond Sat, 08 Nov 2025 08:30:28 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63729 PU News – पंजाब यूनिवर्सिटी में फिर गूंजा आंदोलन का स्वर PU News – पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में एक बार

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PU News – पंजाब यूनिवर्सिटी में फिर गूंजा आंदोलन का स्वर

PU News – पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में एक बार फिर छात्रों, शिक्षकों और पूर्व अधिकारियों की आवाज बुलंद हो गई है। केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट की संरचना में प्रस्तावित संशोधन को वापस ले लिया है।

यह कदम छात्रों और शिक्षकों के लिए राहत की खबर जरूर है, लेकिन “पीयू बचाओ मोर्चा” का आंदोलन यहीं थमने वाला नहीं है। मोर्चा ने साफ कहा है कि जब तक 91 सदस्यीय सीनेट के चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

केंद्र सरकार ने क्यों लिया फैसला वापस?

शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पंजाब यूनिवर्सिटी की मौजूदा संरचना में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय उच्च स्तरीय समिति (HLC) की सिफारिशों और विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न वर्गों—छात्रों, शिक्षकों, पूर्व कुलपतियों और मौजूदा कुलपति—के फीडबैक के बाद लिया गया है।

दरअसल, यह समिति 2 मार्च 2021 को विश्वविद्यालय के चांसलर द्वारा गठित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था कि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और अकादमिक ढांचे में सुधार के प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाए। कई दौर की चर्चा और विरोध के बाद अंततः केंद्र सरकार ने इन संशोधनों को वापस लेने का निर्णय किया।

 पीयू बचाओ मोर्चा की प्रतिक्रिया: यह हमारी जीत है

मोर्चा ने इस फैसले को अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। उनका कहना है कि सरकार ने दबाव में आकर कदम पीछे खींचे हैं, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। जब तक सीनेट चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक सुधार का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है। यूनिवर्सिटी की सीनेट वह निकाय है जो छात्रों, शिक्षकों और समाज के बीच से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती है। इसलिए इसका चुनाव समय पर होना अनिवार्य है।

धरना जारी रहेगा, 10 नवंबर को बड़ा प्रदर्शन

मोर्चा ने घोषणा की है कि 10 नवंबर को सुबह 11 बजे एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में पंजाब और हरियाणा की प्रमुख किसान यूनियनें भी हिस्सा लेंगी।

सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट नंबर 1 और 3 को बंद रखने का फैसला किया है, जबकि लोगों से अपील की गई है कि वे गेट नंबर 2 से प्रवेश करें। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर पंजाब या हरियाणा से आने वाले प्रदर्शनकारियों को रोका गया तो पूरे चंडीगढ़ में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

जरूरत पड़ने पर भाजपा कार्यालय का घेराव और पुतला दहन करने की भी बात कही गई है। इसके अलावा डीसी कार्यालय और पुलिस मुख्यालय के बाहर भी विरोध जताने की योजना है।

गांव-गांव से जुटेगा समर्थन

मोर्चा ने आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए गांव-गांव से समर्थन जुटाने की योजना बनाई है। पंजाब के हर जिले से गाड़ियां और बसें प्रदर्शन स्थल तक भेजी जाएंगी।

साथ ही सोशल मीडिया और गुरुद्वारों के माध्यम से भी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाएगी।

मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष लंबा चलेगा। 10 नवंबर के बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा और स्कूलों तथा कॉलेजों के बाहर भी शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा को छोड़कर सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस आंदोलन के साथ हैं। केंद्र सरकार ही उनके विरोध का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

छात्र भी करेंगे क्लासरूम बंद

पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के छात्रों ने ऐलान किया है कि वे अपने विभागों को बंद करेंगे और क्लासरूम में ताले लगाएंगे।

इसके अलावा विभिन्न विभागों में छात्रों को आंदोलन के लिए जागरूक करने और शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल शिक्षकों या सीनेट चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्र अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए लड़ा जा रहा है।

पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट क्या है और क्यों है यह अहम?

पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट को विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय माना जाता है। यह निकाय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों पर अंतिम मुहर लगाता है।

सीनेट के सदस्य प्रोफेसरों, पूर्व छात्रों, कॉलेज प्रतिनिधियों और सरकारी नामांकित सदस्यों से मिलकर बनते हैं। इस निकाय की संरचना में कोई भी बदलाव सीधे यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता (Autonomy) को प्रभावित करता है। इसलिए जब केंद्र सरकार ने संशोधन प्रस्ताव रखा था, तो इसका व्यापक विरोध हुआ।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र का यह कदम समयानुकूल है। पंजाब यूनिवर्सिटी एक संविधानिक रूप से विशेष दर्जा प्राप्त विश्वविद्यालय है, जिसका संचालन केंद्र और पंजाब सरकार दोनों के सहयोग से होता है।

यदि संरचना में एकतरफा बदलाव किया जाता, तो यह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर चोट होती। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि केंद्र ने देर से सही, लेकिन जनभावना का सम्मान किया है।

आगे की राह

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीनेट चुनाव की घोषणा कब की जाती है। यदि चुनाव की तारीखें जल्दी तय नहीं होतीं, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

शिक्षा मंत्रालय के सामने अब चुनौती यह है कि वह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखते हुए प्रशासनिक सुधारों को किस तरह आगे बढ़ाता है।

दूसरी ओर, पीयू बचाओ मोर्चा ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार पारदर्शिता से चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।

निष्कर्ष

पंजाब यूनिवर्सिटी में जारी यह विवाद सिर्फ एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भागीदारी और शिक्षा की स्वतंत्रता का प्रश्न है।

केंद्र सरकार का फैसला छात्रों और शिक्षकों के लिए राहत भरा है, लेकिन आंदोलनकारियों की मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।

अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और मोर्चा के बीच संवाद से समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज़ होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट क्या है?

सीनेट विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निकाय है जो नीतिगत, शैक्षणिक और प्रशासनिक फैसले लेती है।

  1. केंद्र सरकार ने सीनेट संशोधन का प्रस्ताव क्यों वापस लिया?

यह फैसला छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के फीडबैक के बाद लिया गया ताकि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनी रहे।

  1. उच्च स्तरीय समिति (HLC) क्या है?

यह समिति 2021 में बनाई गई थी ताकि पंजाब यूनिवर्सिटी की संरचना में सुधार के सुझावों का मूल्यांकन किया जा सके।

  1. क्या अब पंजाब यूनिवर्सिटी की संरचना में बदलाव होगा?

फिलहाल नहीं। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा संरचना बरकरार रहेगी।

  1. पीयू बचाओ मोर्चा क्या है?

यह शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों का संगठन है जो यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता और पारदर्शी चुनाव के लिए संघर्ष कर रहा है।

  1. क्या धरना खत्म हो गया है?

नहीं, मोर्चा ने कहा है कि सीनेट चुनाव की घोषणा तक धरना जारी रहेगा।

  1. 10 नवंबर को क्या होगा?

मोर्चा और किसान यूनियनें चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन करेंगी।

  1. क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कदम उठाया है?

हाँ, सुरक्षा कारणों से कुछ गेट बंद किए गए हैं और वैकल्पिक प्रवेश गेट तय किया गया है।

  1. क्या आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिल रहा है?

मोर्चा के अनुसार, भाजपा को छोड़कर सभी प्रमुख दल उनके साथ हैं।

  1. क्या इस फैसले से छात्रों को फायदा होगा?

हाँ, क्योंकि इससे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनी रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधि निर्णय ले सकेंगे।

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Chandigarh Police Pride – चंडीगढ़ पुलिस का गौरव बने हवलदार जोगिंदर पाल https://chandigarhnews.net/chandigarh-police-pride/ https://chandigarhnews.net/chandigarh-police-pride/#respond Sat, 08 Nov 2025 07:30:28 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63728 Chandigarh Police Pride – चंडीगढ़ पुलिस का गौरव बने हवलदार जोगिंदर पाल Chandigarh Police Pride – चंडीगढ़ से एक बार

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Chandigarh Police Pride – चंडीगढ़ पुलिस का गौरव बने हवलदार जोगिंदर पाल

Chandigarh Police Pride – चंडीगढ़ से एक बार फिर गौरवशाली खबर सामने आई है। चंडीगढ़ पुलिस के होमगार्ड विंग में तैनात हवलदार इंस्ट्रक्टर जोगिंदर पाल सिंह ने अपने अथक परिश्रम और समर्पण से न केवल शहर का, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 5 नवंबर से 9 नवंबर 2025 तक चेन्नई में आयोजित हुई, जिसमें एशिया के कई देशों के अनुभवी एथलीटों ने हिस्सा लिया। जोगिंदर पाल ने 5 किलोमीटर पैदल दौड़ (5 km Race Walk) में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रतियोगियों को पछाड़ दिया और पहला स्थान हासिल किया।

सुनहरी जीत: संघर्ष से सफलता तक का सफर

जोगिंदर पाल सिंह की सफलता केवल एक मेडल की कहानी नहीं है, बल्कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है। एक ओर वे चंडीगढ़ पुलिस के होमगार्ड विंग में इंस्ट्रक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खेलों के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ।

वर्षों की मेहनत और प्रशिक्षण का फल उन्हें इस चैंपियनशिप में मिला। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरी चंडीगढ़ पुलिस और भारत का सम्मान है।

उनके प्रदर्शन के बाद अब उन्हें वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स मीट 2025, जो कि दक्षिण कोरिया में आयोजित होने जा रही है, के लिए चयनित किया गया है। यह उनके करियर का एक और सुनहरा अध्याय साबित होगा।

भारत का नाम रोशन करने वाला चैंपियन

एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विभिन्न आयु वर्गों के अनुभवी खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें जोगिंदर पाल सिंह ने 5 किलोमीटर वॉक में अपनी फिटनेस और तकनीक के दम पर अन्य देशों के दिग्गज खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता।

उनका यह प्रदर्शन साबित करता है कि उम्र खेल की राह में बाधा नहीं होती। सही दिशा में मेहनत और निरंतर अभ्यास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

जोगिंदर पाल ने अपने पूरे करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और कई पदक जीत चुके हैं। उनका यह प्रदर्शन नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

चंडीगढ़ पुलिस ने जताया गर्व

चंडीगढ़ पुलिस विभाग और उनके सहकर्मियों ने हवलदार जोगिंदर पाल सिंह की इस उपलब्धि पर गहरा गर्व जताया है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जोगिंदर पाल ने न केवल खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता दिखाई है, बल्कि अपने अनुशासन और समर्पण से पुलिस बल का मान भी बढ़ाया है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उनका यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है। चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन जल्द ही उन्हें सम्मानित करने की तैयारी कर रहा है।

पांच किलोमीटर पैदल दौड़: दृढ़ संकल्प और सहनशक्ति की परीक्षा

5 किलोमीटर पैदल दौड़ (Race Walking) एक ऐसा खेल है जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा होती है।

जोगिंदर पाल ने इस इवेंट में जबरदस्त तालमेल, संतुलन और गति बनाए रखी। उन्होंने शुरुआती दौर में ही लीड बना ली थी और अंत तक अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखी।

उनका प्रदर्शन इस बात का प्रतीक है कि सही ट्रेनिंग, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति से कोई भी खिलाड़ी एशिया स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स मीट 2025 के लिए चयन

गोल्ड मेडल जीतने के बाद जोगिंदर पाल का चयन वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स मीट 2025 के लिए हुआ है, जो दक्षिण कोरिया में आयोजित की जाएगी। यह विश्व स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जहां एशिया, यूरोप और अमेरिका के कई देशों के शीर्ष एथलीट भाग लेते हैं।

अब जोगिंदर पाल का अगला लक्ष्य वहां पर भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि वे पहले से अधिक मेहनत और फिटनेस पर ध्यान देंगे ताकि देश का झंडा विश्व मंच पर ऊंचा लहरा सकें।

प्रेरणास्रोत बने जोगिंदर पाल सिंह

जोगिंदर पाल की उपलब्धि न केवल पुलिस बल के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।

एक ओर वे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं, वहीं दूसरी ओर अनुशासित एथलीट भी हैं।

उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर व्यक्ति में जुनून और मेहनत की भावना हो तो वह किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।

युवा खिलाड़ियों के लिए वे एक रोल मॉडल बन गए हैं, जो दिखाता है कि सरकारी सेवा के साथ खेल करियर को भी सफलतापूर्वक संभाला जा सकता है।

पहले भी जीत चुके हैं कई मेडल

यह पहली बार नहीं है जब जोगिंदर पाल ने मेडल जीता हो।

वे इससे पहले भी कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं।

उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें खेल जगत में अलग पहचान दी है।

उनका यह कहना है कि

“अगर आप अपने सपनों के लिए निरंतर मेहनत करते रहें तो सफलता देर से सही, लेकिन जरूर मिलती है।”

समाज में खेलों के प्रति बढ़ा उत्साह

जोगिंदर पाल की इस जीत से न केवल चंडीगढ़ पुलिस, बल्कि पूरे क्षेत्र में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है।

स्कूलों और कॉलेजों में खेल शिक्षकों ने छात्रों को उनके उदाहरण से प्रेरित किया है।

कई युवा अब मास्टर एथलेटिक्स और रेस वॉकिंग जैसे खेलों में रुचि दिखा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जोगिंदर जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां समाज में स्पोर्ट्स कल्चर को मजबूत बनाती हैं।

विशेषज्ञों की राय

स्पोर्ट्स एनालिस्ट और कोचों का कहना है कि जोगिंदर पाल जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

जरूरत है तो बस संसाधन, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन की।

उनकी यह उपलब्धि भारतीय पुलिस बलों में भी फिटनेस और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

निष्कर्ष

हवलदार जोगिंदर पाल सिंह की जीत सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह एक संदेश है —

“मेहनत और अनुशासन से हर बाधा को पार किया जा सकता है।”

उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस, शहर और देश का नाम ऊंचा किया है।

अब सभी की निगाहें दक्षिण कोरिया में होने वाली वर्ल्ड मीट पर टिकी हैं, जहां से वे फिर भारत के लिए गोल्ड लेकर लौटें — यही हर भारतीय की कामना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. जोगिंदर पाल सिंह कौन हैं?

वे चंडीगढ़ पुलिस के होमगार्ड विंग में हवलदार इंस्ट्रक्टर हैं और एक कुशल एथलीट भी हैं।

  1. उन्होंने कौन-सी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता?

उन्होंने चेन्नई में आयोजित एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीता।

  1. उन्होंने किस इवेंट में गोल्ड जीता?

उन्होंने 5 किलोमीटर पैदल दौड़ (Race Walking) में पहला स्थान हासिल किया।

  1. प्रतियोगिता कब और कहां आयोजित हुई थी?

यह प्रतियोगिता 5 से 9 नवंबर 2025 तक चेन्नई में हुई।

  1. अब उनका चयन किसके लिए हुआ है?

अब उन्हें दक्षिण कोरिया में आयोजित होने वाली वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक्स मीट 2025 के लिए चुना गया है।

  1. क्या जोगिंदर पाल पहले भी मेडल जीत चुके हैं?

हाँ, वे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं।

  1. चंडीगढ़ पुलिस की क्या प्रतिक्रिया रही?

चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया और उन्हें सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है।

  1. इस उपलब्धि का क्या महत्व है?

यह उपलब्धि भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस बल में फिटनेस और खेल भावना को बढ़ावा देती है।

  1. क्या उन्होंने अपने भविष्य के बारे में कुछ कहा?

हाँ, उन्होंने कहा कि वे वर्ल्ड मीट में गोल्ड जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन करना चाहते हैं।

  1. युवाओं के लिए उनकी सफलता से क्या सीख मिलती है?

उनकी कहानी यह सिखाती है कि सेवा, अनुशासन और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।

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Punjab Grill, Sector 67 Mohali: Fine Dining That Teaches Hospitality to Students https://chandigarhnews.net/punjab-grill-sector-67-mohali/ https://chandigarhnews.net/punjab-grill-sector-67-mohali/#respond Fri, 25 Jul 2025 12:55:33 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63368 Punjab Grill, Sector 67 Mohali: Fine Dining That Teaches Hospitality to Students Located on the 3rd floor of CP67 Mall, Punjab Grill brings

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Punjab Grill, Sector 67 Mohali: Fine Dining That Teaches Hospitality to Students

Located on the 3rd floor of CP67 Mall, Punjab Grill brings a premium fine-dining experience to Mohali’s youth and urban professionals. Known for its authentic North‑Indian & Mughlai cuisine, stylish interiors, and curated service, this outlet goes beyond dining – it’s a live classroom for students in hospitality, marketing, and experience design.

“If you’re looking for a fine‑dine experience, Punjab Grill is a must‑visit,” raves one local review.

What Sets Punjab Grill Apart?

High praise for ambience & hospitality, scoring 4.7/5 on Google reviews.

Menu highlights include Paneer Cigar Rolls, Malai Chicken, Galouti Kebabs, Biryani, and inventive desserts.

Average cost for two is around ₹2,000, with family-friendly indoor and bar seating.

Offers include pre-book discounts (15–25%), bank offers (20%), and scratch cards – smart customer retention strategies.

A Learning Hub for Students

For students in hospitality, management, design, or marketing, Punjab Grill provides valuable real-world insights:

Service Excellence: Well-trained staff and consistent attention turn dining into an experience.

Presentation & Delivery: High-quality plating and presentation create lasting impressions.

Promotional Tactics: Strategic deals like scratch cards and bank offers drive foot traffic.

Brand Positioning: Balances premium pricing with approachable experience, a lesson in value proposition.

Local Opinions & Student Feedback

Online reviews reflect city-wide appeal and occasional criticism:

“Amazing ambience, amazing hospitality, amazing food. Loved the presentation.”

– Ashish J, Google review

On Reddit, students also recommend Punjab Grill for fine dining:

“Punjab Grill, Cp 67” listed among top premium dining spots in Mohali/Chandigarh

Balanced feedback also emerged:

“Had a great experience. Food was delightful and service by Deep was a cherry on the top.”

But some note the pricing and consistency:

“Prices are very high for a salaried person but the food is not good … wouldn’t recommend.”

These perspectives offer hospitality students a chance to study service recovery, pricing strategy, and quality control.

Lessons in Digital & Loyalty Marketing

Punjab Grill’s approach includes:

Strong presence on , Swiggy, and Google with consistent ratings (4.3–4.7) .

Use of bank-side discounts, pre-book offers, and scratch cards to boost repeat visits.

Active promotion of signature dishes (like Veg Kurkuri, Gulab Jamun) on social media to engage visuals and shareability.

Students can learn how promotions paired with quality shape brand loyalty.

Final Thoughts about Punjab Grill

Punjab Grill, Sector 67 Mohali, offers more than just a meal – it’s an immersive experience in premium dining, guest service, and brand strategy. For young learners in hospitality or marketing, it’s a living case study in how fine dining combines taste, atmosphere, pricing, and promotion.

Next time you dine here – observe the staff, notice the promotions, taste the consistency – each element shines with lessons for your future career.

FAQs About Punjab Grill, Sector 67 Mohali

  1. Where is Punjab Grill located?

Shop T‑019, 3rd Floor, CP67 Mall, Sector 67, Mohali

  1. What cuisines are offered?

North Indian, Mughlai, Punjabi street food classics

  1. How much does a meal for two cost?

Around ₹2,000 (mid-premium)

  1. Are there table reservation offers?

Yes – 20–25% off on pre-bookings, up to 15% on instant billing

  1. Is it suitable for students?

Yes, especially for celebrations, group meals, or fine dining experiences

  1. What’s the ambience like?

Elegant, spacious, bar seating, mall parking, live-match screens

  1. What terms to watch for?

Occasional inconsistent quality and pricing seen in reviews

  1. Do they accept digital payments?

Yes – cards, UPI, bank-specific offers

  1. Do they serve dessert & veg options?

Yes – Paneer dishes, gulab jamun, khoya kulfi, exotic starters

  1. Is it recommended for hospitality students?

Absolutely – for studying premium branding, guest experience, and event operations

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Mimas, Sector 67 Mohali: A Stylish Culinary Campus for Hospitality Learners https://chandigarhnews.net/mimas-sector-67-mohali/ https://chandigarhnews.net/mimas-sector-67-mohali/#respond Fri, 25 Jul 2025 12:00:21 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63365 Mimas, Sector 67 Mohali: A Stylish Culinary Campus for Hospitality Learners Perched on the 3rd floor of Jubilee Junction in

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Mimas, Sector 67 Mohali: A Stylish Culinary Campus for Hospitality Learners

Perched on the 3rd floor of Jubilee Junction in Sector 67, Mimas – The Moon Lounge & Bar blends cosmopolitan design with a vibrant dining experience.

This upscale, multi-cuisine lounge offers not just great food and ambiance, but real-world inspiration for students of hospitality, marketing, and event management.

“Dining under the moonlight isn’t just poetic – it’s a lesson in experience-driven hospitality.”

With live music, mood lighting, and an eclectic menu, Mimas appeals to students, content creators, and young professionals looking for an upscale space to learn, socialize, and unwind.

What Makes Mimas Unique?

Ambience with a Twist: A dramatic “moon-lit” décor that shifts from warm copper during the day to electric blue by night – a visual spectacle that doubles as a branding asset

Multi-Cuisine Spread: From North Indian appetizers to global mains like pizza, pasta, and pan-Asian delights

Live Lounge Bar: A full-service bar with mocktails and cocktails, ideal for test-driving beverage hospitality concepts .

Product & Pricing: ₹1,000 for two – mid-premium pricing suited for special student outings

Why Hospitality & Marketing Students Should Visit

For learners in business-related fields, Mimas serves as a mini classroom:

Sensory Branding: Lighting, music, and décor work together to create an immersive brand experience.

Menu Strategy: A broad menu with niche items like quinoa-avocado salads cater to both mass preference and health trends.

Operational Variety: Managing a bar–lounge–restaurant blend introduces diverse service models in one location.

Digital Engagement: They leverage /Dineout pre-book offers, scratch cards, and bank discounts – excellent for studying promotional mix

What Reviewers Say

The dining rating here is a solid 4.2 out of 5 on , with guests praising the warm ambiance and quality service.

As one diner noted:

“A magical dining experience under the stars – MIMAS serves flavor, ambiance, and warmth in every bite.”

Some feedback also mentions the occasional loud music – a good pointer for operations and event management students.

Lessons for Students & Entrepreneurs

  • Ambience as Argument: Designing a space that feels premium yet relatable is a branding skill.
  • Promotions That Work: Understanding weightage of pre-book discounts, scratch cards, and bank offers.
  • Mixed-Model Management: Juggling dine-in, lounge-bar, live music nights – all under one roof.
  • Feedback Responsiveness: Adjustments based on crowd surveys and online reviews.

Final Thoughts

Mimas – The Moon Lounge & Bar is more than a stylish hangout; it’s a multi-dimensional training ground. For hospitality, marketing, and F&B students, it offers firsthand insights into brand experiences, multi-model operations, and customer engagement tactics in a premium setting. Whether you want to enjoy a meal or learn how a lounge transforms into a lifestyle brand – Mimas delivers.

FAQs About Mimas, Sector 67 Mohali

What is Mimas?

A moon-themed lounge and bar with multi-cuisine dining (North Indian, continental, pizza, pasta)

Where is it located?

SCO 3 & 4, 3rd Floor, Jubilee Junction, Sector 67, Mohali

What is the cost for two?

Approximately ₹1,000 without alcohol

What are the opening hours?

Usually open from 12:00 PM to 11:45 PM daily

Does it have a bar?

Yes, it features a fully stocked bar and lounge space.

Any special promotions?

They offer pre-book discounts, bank offers, flat 10% off, and scratch cards.

Is it work- or study-friendly?

Yes, it’s tagged as work-friendly on , though evenings may be louder.

What cuisines are available?

Offers North Indian, continental, Chinese, Italian food, pasta, desserts, and bar beverages

Is there a live music option?

The lounge occasionally hosts live performances; the ambiance shifts based on events.

Is it suitable for students?

Yes-its mid-premium pricing and ambiance make it ideal for special meetups or project celebrations.

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Timshel Cafe and Restaurant, Sector 91 Mohali: A Trendy Hangout for Students & Creatives https://chandigarhnews.net/timshel-cafe-and-restaurant-sector-91-mohali/ https://chandigarhnews.net/timshel-cafe-and-restaurant-sector-91-mohali/#respond Fri, 25 Jul 2025 11:02:18 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63369 Timshel Cafe and Restaurant, Sector 91 Mohali: A Trendy Hangout for Students & Creatives Located in Emaar Mohali Hills, Sector 91, Timshel

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Timshel Cafe and Restaurant, Sector 91 Mohali: A Trendy Hangout for Students & Creatives

Located in Emaar Mohali Hills, Sector 91, Timshel Cafe & Restaurant has become a popular destination for students, freelancers, and young families in Mohali. Known for its stylish rooftop, diverse menu, and vibrant vibe, Timshel delivers more than food-it offers an immersive space where creativity and community thrive.

“Eat. Work. Play.” isn’t just a tagline here-it’s the lifestyle.

With a rating of 4.4 for dining and 4.3 for delivery on , and an average cost of about ₹1,000 for two, Timshel is both premium enough for meetups and welcoming enough for casual study sessions.

Ambience Tailored for Students

Here’s what makes Timshel great for you:

Rooftop seating with city views-perfect for sketching ideas or casual conversations.

Indoor-outdoor flexibility, complete with booth seating, a pet-friendly area, and cozy corners

Open late (11 AM–12 AM / 1 AM), ideal for night owls, freelancers, or study groups.

It’s a space that blends ‘work’ and ‘hangout’ vibes seamlessly-a lesson in hybrid Cafe design.

A Menu to Match Every Mood

From North Indian kebabs to international platters and artisanal coffees, Timshel’s menu is diverse and inclusive:

  • All-day breakfast like pancakes and chole bhature
  • Specialty kebabs (Paneer & Murgh Tikka)
  • Gourmet mocktails & shakes (Blue Hawaiian, Chocolate Hazelnut, Brownie Shake)
  • Global platters like chicken fajitas and demi-glace dishes
  • Whether you need energy to code or comfort after an exam, Timshel has you covered.

What Students & Future Entrepreneurs Can Learn

Atmosphere as Identity: Vibe matters-Timshel’s vibe aligns with its brand’s “Eat. Work. Play.” philosophy.

Offer-Led Strategy: They drive repeat visits with pre-book discounts (up to 35%), instant offers, bank deals, and scratch cards.

Operational Flexibility: Offering breakfast, lunch, dinner, and late-night service teaches valuable multi-slot management.

Community Appeal: Features like rooftop events and pet-friendly spaces help build a loyal, local audience.

Digital Presence That Works

Timshel engages users through:

  • Booking-focused platforms like , Dineout & Swiggy Dineout
  • Dynamic offers visible at checkout-instantly increasing conversions
  • User-generated reviews, rating 4.3–4.4 across platforms

It’s a model worth studying for anyone interested in cafe marketing and digital user acquisition.

Final Thoughts

Timshel Cafe & Restaurant is more than just a Cafe-it’s a living example of modern hospitality blended with creative energy. For students, freelancers, and food-venture dreamers, it teaches valuable lessons in branding, customer experience, and mixed-use space design.

If you’re looking for your next study spot, group hangout, or entrepreneurial inspiration-this is your place.

FAQs About Timshel Cafe & Restaurant, Sector 91 Mohali

  1. Where is Timshel located?

Plot 24B‑1, Emaar Mohali Hills, PWC, Sector 91, Mohali.

  1. What are the opening hours?

Open 11 AM–1 AM (some listings show till midnight).

  1. How much is the average cost for two?

Around ₹1,000 (excluding taxes).

  1. What offers do they have?

Pre-book discounts (20–35%), instant flat 10% off, bank discounts up to 20%, and scratch cards.

  1. Is seating student-friendly?

Yes-large group seating, pet-friendly areas, rooftop, and indoor booths.

  1. Can I work or study there?

Absolutely-great for casual work, group discussions, or evening choices.

  1. What cuisines are served?

North Indian, Italian, global platters, all-day breakfast, mocktails, and shakes.

  1. Do they accept digital payments?

Yes-cash, cards, UPI, and app payments accepted .

  1. Is there valet parking?

Yes-valet parking and private dining area are available.

  1. What makes Timshel unique?

It’s a hybrid eat-play-work space that blends rooftop vibes, creative energy, late-night hours, and student-friendly pricing-ideal for both productivity and eats.

Thanks for visiting – Chandigarh News

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Kiara Advani Biography – एक साधारण लड़की से सुपरहिट स्टार बनने तक का सफर https://chandigarhnews.net/kiara-advani-biography/ https://chandigarhnews.net/kiara-advani-biography/#respond Fri, 25 Jul 2025 06:38:59 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63279 Kiara Advani Biography – एक साधारण लड़की से सुपरहिट स्टार बनने तक का सफर Kiara Advani, जिनका असली नाम आलिया

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Kiara Advani Biography – एक साधारण लड़की से सुपरहिट स्टार बनने तक का सफर

Kiara Advani, जिनका असली नाम आलिया आडवाणी है, आज बॉलीवुड की सबसे चर्चित और पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने अपने सौम्य व्यक्तित्व, क्लासी स्क्रीन प्रेज़ेंस, और संवेदनशील अभिनय से कम समय में ही इंडस्ट्री में एक खास पहचान बना ली है।

“मैं वही करती हूं जिसमें मेरा दिल हो, और कैमरा के सामने मैं सिर्फ सच बोलती हूं – अभिनय के ज़रिए।” – कियारा आडवाणी

प्रारंभिक जीवन

  • पूरा नाम: आलिया आडवाणी
  • जन्म: 31 जुलाई 1992
  • जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र
  • पिता: जगदीप आडवाणी (बिजनेसमैन)
  • माता: जेनेविएव जाफरी (टीचर, आधी ब्रिटिश और आधी मुस्लिम)
  • भाई: मिशाल आडवाणी (रैपर)

फिल्मी कनेक्शन भी है

कियारा के परिवार का कनेक्शन फिल्म इंडस्ट्री से पहले से रहा है। वो अशोक कुमार की परपोती और सईद जाफरी की पोती लगती हैं।

शिक्षा

  • स्कूलिंग: कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल, मुंबई
  • ग्रेजुएशन: जयहिंद कॉलेज, मुंबई – मास कम्युनिकेशन में डिग्री

फिल्मों में आने से पहले उन्होंने आनंद एल. राय के थिएटर ग्रुप में भी एक्टिंग की बारीकियाँ सीखी थीं।

नाम क्यों बदला?

फिल्मों में आने से पहले उनका नाम “आलिया आडवाणी” था, लेकिन बॉलीवुड में पहले से आलिया भट्ट के होने की वजह से, सलमान खान की सलाह पर उन्होंने अपना नाम बदलकर “कियारा” रखा।

फिल्मी करियर की शुरुआत

डेब्यू: Fugly (2014)

कियारा ने फिल्म फुगली से डेब्यू किया, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन उनकी एक्टिंग को नोटिस किया गया।

करियर का टर्निंग पॉइंट

एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (2016)

इस फिल्म में उन्होंने धोनी की पत्नी साक्षी का किरदार निभाया और यहीं से उन्हें इंडस्ट्री में गंभीरता से लिया जाने लगा।

इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट प्रोजेक्ट्स किए:

सुपरहिट फिल्में और वेब सीरीज

Lust Stories (2018 – Netflix)

इस वेब एंथोलॉजी में उनका प्रदर्शन बेहद बोल्ड और दमदार था। यह कियारा के लिए करियर का मोड़ साबित हुआ।

कबीर सिंह (2019)

शाहिद कपूर के साथ इस फिल्म ने उन्हें नेशनल स्टार बना दिया। ‘प्रेति’ का किरदार आज भी लोगों के दिलों में है।

गुड न्यूज़ (2019)

एक हल्की-फुल्की कॉमेडी जिसमें कियारा ने शानदार टाइमिंग दिखाई।

लक्ष्मी (2020)

अक्षय कुमार के साथ, यह फिल्म Disney+ Hotstar पर रिलीज़ हुई थी।

शेरशाह (2021)

विक्रम बत्रा की प्रेमिका डिंपल चीमा के किरदार में उन्होंने दिल जीत लिया। फिल्म सुपरहिट रही और इस फिल्म के दौरान ही उनकी और सिद्धार्थ मल्होत्रा की नजदीकियां बढ़ीं।

भूल भुलैया 2 (2022)

कार्तिक आर्यन के साथ यह हॉरर-कॉमेडी बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही।

जुग जुग जियो (2022)

वरुण धवन के साथ इस फैमिली ड्रामा में उन्होंने एक परिपक्व पत्नी और बहू का किरदार निभाया।

विवाह और व्यक्तिगत जीवन

कियारा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की प्रेम कहानी फिल्म शेरशाह के बाद शुरू हुई और 7 फरवरी 2023 को दोनों ने राजस्थान के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी कर ली।

उनकी जोड़ी को फैंस “SidKiara” के नाम से जानते हैं और सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें खूब वायरल होती हैं।

ब्रांड एंडोर्समेंट और सोशल मीडिया

कियारा आज कई बड़े ब्रांड्स का चेहरा हैं:

  • Myntra
  • Mohey
  • Mango
  • Ponds
  • Slice
  • TRESemmé

Instagram पर उनके 40 मिलियन+ फॉलोअर्स हैं और वह Gen-Z की फैशन आइकन मानी जाती हैं।

आने वाली फिल्में (2025 तक)

  • Game Changer – राम चरण के साथ (Telugu-Hindi bilingual)
  • War 2 – ऋतिक रोशन और जूनियर NTR के साथ
  • Don 3 – रणवीर सिंह के साथ

कियारा अब पैन इंडिया सुपरस्टार बनने की राह पर हैं।

पुरस्कार और सम्मान

  • Zee Cine Award – Best Find of the Year (MS Dhoni)
  • Dadasaheb Phalke Award – Critics Best Actress (Shershaah)
  • Filmfare Nomination – Best Actress (Kabir Singh, Shershaah)
  • Most Desirable Woman – Times of India (2020)

FAQs – कियारा आडवाणी से जुड़े 10 सामान्य प्रश्न

  1. कियारा आडवाणी का असली नाम क्या है?

उनका असली नाम आलिया आडवाणी है।

  1. उन्होंने नाम क्यों बदला?

बॉलीवुड में पहले से आलिया भट्ट होने के कारण उन्होंने अपना नाम कियारा रखा।

  1. कियारा की पहली फिल्म कौन सी थी?

फुगली (2014)

  1. उन्हें पहचान किस फिल्म से मिली?

एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी और फिर कबीर सिंह से उन्हें नेशनल फेम मिला।

  1. क्या कियारा शादीशुदा हैं?

हां, उन्होंने सिद्धार्थ मल्होत्रा से 2023 में शादी की।

  1. क्या कियारा सिंगिंग भी करती हैं?

नहीं, उन्होंने अभी तक कोई गाना प्रोफेशनली नहीं गाया।

  1. कियारा की सबसे बड़ी हिट फिल्म कौन सी है?

कबीर सिंह, शेरशाह, और भूल भुलैया 2।

  1. उनका बायोलॉजिकल बैकग्राउंड क्या है?

वह आधी सिंधी और आधी ब्रिटिश मुस्लिम हैं।

  1. कियारा की आने वाली फिल्में कौन सी हैं?

Game Changer, War 2, Don 3।

  1. क्या कियारा सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं?

हां, उनके इंस्टाग्राम पर 40 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष

कियारा आडवाणी का सफर यह साबित करता है कि सुंदरता से ज्यादा जरूरी है संजीदगी, कड़ी मेहनत और सीखने की ललक। उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड में अपने लिए एक ऐसा मुकाम बनाया है जो आज के युवाओं को प्रेरित करता है।

वह न सिर्फ एक टॉप एक्ट्रेस हैं बल्कि एक आदर्श बेटी, आदर्श पत्नी और एक सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्तित्व भी हैं।

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Shraddha Kapoor Biography – फिल्मी परिवार की बेटी से बॉलीवुड की चमकती सितारा बनने तक का सफर https://chandigarhnews.net/shraddha-kapoor-biography/ https://chandigarhnews.net/shraddha-kapoor-biography/#respond Thu, 24 Jul 2025 06:38:59 +0000 https://chandigarhnews.net/?p=63278 Shraddha Kapoor Biography – फिल्मी परिवार की बेटी से बॉलीवुड की चमकती सितारा बनने तक का सफर श्रद्धा कपूर, एक

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Shraddha Kapoor Biography – फिल्मी परिवार की बेटी से बॉलीवुड की चमकती सितारा बनने तक का सफर

श्रद्धा कपूर, एक ऐसी अभिनेत्री जो अपनी मासूम मुस्कान, शानदार अभिनय, और सुरीली आवाज़ से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। वह ना सिर्फ एक सफल एक्ट्रेस हैं, बल्कि एक सिंगर, डांसर और सोशल मीडिया सेंसेशन भी हैं।

“मैं खुद को हर किरदार में खोजती हूं, ताकि लोग मेरे अभिनय में सच्चाई महसूस कर सकें।” – श्रद्धा कपूर

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

श्रद्धा कपूर का जन्म 3 मार्च 1987 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। वह प्रसिद्ध अभिनेता शक्ति कपूर और गायिका व अभिनेत्री शिवांगी कोल्हापुरे की बेटी हैं। उनके बड़े भाई का नाम सिद्धांत कपूर है, जो अभिनेता और निर्देशक हैं।

श्रद्धा का ननिहाल भी संगीत और फिल्मी दुनिया से जुड़ा है। उनकी मौसी पद्मिनी कोल्हापुरे 80 के दशक की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं।

शिक्षा और प्रारंभिक झुकाव

श्रद्धा ने अपनी स्कूलिंग जमनाबाई नरसी स्कूल, मुंबई और फिर अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे से की। वह पढ़ाई में भी तेज थीं और खेलों व नृत्य में भी सक्रिय रहीं।

इसके बाद उन्होंने अमेरिका की Boston University में साइकोलॉजी की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद ही बॉलीवुड में करियर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़ दी।

फिल्मी करियर की शुरुआत

श्रद्धा कपूर ने अपने करियर की शुरुआत की फिल्म ‘Teen Patti’ (2010) से, जिसमें उनके साथ अमिताभ बच्चन और बेन किंग्सले जैसे दिग्गज कलाकार थे। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं चली।

इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘Luv Ka The End’ (2011) में एक बोल्ड कॉलेज गर्ल की भूमिका निभाई, जो यंग ऑडियंस को काफी पसंद आई।

करियर का टर्निंग पॉइंट: “आशिकी 2″ (2013)

श्रद्धा की असली सफलता आई 2013 में, जब उन्होंने ‘आशिकी 2’ में आराहि शर्मा का किरदार निभाया। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और श्रद्धा की इनोसेंट लव इमेज दर्शकों के दिल में बस गई।

फिल्म के गाने भी जबरदस्त हिट रहे और श्रद्धा ने पहली बार बॉलीवुड में सिंगिंग टैलेंट भी दिखाया।

प्रमुख फिल्में और विविध किरदार

श्रद्धा ने कई हिट फिल्मों में काम किया, जिनमें रोमांस, एक्शन और कॉमेडी शामिल हैं:

  • एक विलेन (2014) – सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ इमोशनल रोल
  • ABCD 2 (2015) – एक डांसर के रूप में दमदार परफॉर्मेंस
  • बागी (2016) – टाइगर श्रॉफ के साथ एक्शन रोल
  • हाफ गर्लफ्रेंड (2017) – चेतन भगत के नॉवेल पर आधारित फिल्म
  • स्त्री (2018) – राजकुमार राव के साथ सुपरहिट हॉरर-कॉमेडी
  • साहो (2019) – प्रभास के साथ पैन-इंडिया फिल्म
  • छिछोरे (2019) – सुशांत सिंह राजपूत के साथ कॉलेज लाइफ की प्यारी कहानी
  • तू झूठी मैं मक्कार (2023) – रणबीर कपूर के साथ रोमांटिक कॉमेडी

सिंगिंग टैलेंट

श्रद्धा कपूर ने कई फिल्मों में अपने गाए हुए गानों से भी दर्शकों का दिल जीता है:

  • “Galliyan” Unplugged – एक विलेन
  • “Bezubaan Phir Se” – ABCD 2
  • “Sab Tera” – बागी
  • “Teri Galliyan”, “Do Jahaan” जैसे गानों में उनकी आवाज़ ने एक नया आयाम जोड़ा।

सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट

श्रद्धा कपूर सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 80 मिलियन+ फॉलोअर्स हैं। वह युवाओं के बीच फैशन, फिटनेस और नैचुरल लाइफस्टाइल के लिए इंस्पिरेशन हैं।

उन्होंने कई ब्रांड्स को एंडोर्स किया है जैसे:

  • Lakmé
  • Veet
  • Lipton Green Tea
  • Vivo Smartphones
  • Myntra

समाजसेवा और पर्यावरण के लिए कार्य

श्रद्धा जानवरों के अधिकारों, प्लास्टिक मुक्त भारत, और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से काम करती हैं। वह PETA, Animal Welfare NGOs और Beach Cleanup Drives से जुड़ी रही हैं।

निजी जीवन

श्रद्धा कपूर का नाम कई बार अभिनेता आदित्य रॉय कपूर, फरहान अख्तर, और हाल में राहुल मोदी (स्क्रिप्ट राइटर) से जोड़ा गया है। हालांकि श्रद्धा ने कभी अपने रिश्तों की पुष्टि नहीं की और निजी जीवन को निजी ही रखा।

आने वाली फिल्में (2025 तक)

  • स्त्री 2 – राजकुमार राव के साथ उनकी सुपरहिट हॉरर-कॉमेडी का सीक्वल
  • Naagin Trilogy – श्रद्धा एक shape-shifting नागिन के रोल में
  • Upcoming rom-com with Kartik Aaryan – अघोषित प्रोजेक्ट

पुरस्कार और सम्मान

  • Lions Gold Award – आशिकी 2 के लिए
  • Stardust Award – Superstar of Tomorrow
  • BIG Star Entertainment Awards
  • कई बार Filmfare में नॉमिनेट

श्रद्धा कपूर से जुड़े 10 सामान्य प्रश्न (FAQs)

  1. श्रद्धा कपूर का जन्म कब और कहां हुआ?

उनका जन्म 3 मार्च 1987 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था।

  1. श्रद्धा कपूर के माता-पिता कौन हैं?

उनके पिता शक्ति कपूर, एक जाने-माने अभिनेता हैं और मां शिवांगी कोल्हापुरे भी अभिनेत्री रही हैं।

  1. श्रद्धा कपूर की पहली फिल्म कौन सी थी?

उनकी पहली फिल्म Teen Patti (2010) थी।

  1. श्रद्धा कपूर को पहचान किस फिल्म से मिली?

आशिकी 2 (2013) से उन्हें बड़ी पहचान मिली।

  1. क्या श्रद्धा कपूर गाती भी हैं?

जी हां, उन्होंने कई फिल्मों में गाना गाया है।

  1. श्रद्धा कपूर की सबसे हिट फिल्में कौन सी हैं?

आशिकी 2, एक विलेन, ABCD 2, स्त्री, छिछोरे, तू झूठी मैं मक्कार।

  1. क्या श्रद्धा कपूर किसी को डेट कर रही हैं?

कभी आदित्य रॉय कपूर और अब राहुल मोदी से नाम जुड़ चुका है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

  1. क्या श्रद्धा कपूर सोशल वर्क करती हैं?

जी हां, वह पर्यावरण और जानवरों के अधिकारों के लिए सक्रिय हैं।

  1. श्रद्धा कपूर की आने वाली फिल्में कौन सी हैं?

स्त्री 2, Naagin Trilogy, और Kartik Aaryan के साथ एक नई फिल्म।

  1. श्रद्धा कपूर की शिक्षा कहां से हुई है?

उन्होंने स्कूलिंग मुंबई और Boston University (छोड़ी गई) से की थी।

निष्कर्ष

श्रद्धा कपूर आज की युवा पीढ़ी के लिए टैलेंट, सुंदरता और सादगी का आदर्श हैं। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी मेहनत, बहुपक्षीय प्रतिभा और सकारात्मक सोच से खुद को स्थापित किया है। आने वाले समय में उनकी फिल्में और भी ऊंचाईयों तक पहुंचेंगी – इसमें कोई शक नहीं।

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