Unsecured Loan पर बैंकों की सख्ती से परेशान उधारकर्ता? जानें क्यों बढ़ रहा है गोल्ड लोन और FD लोन का रुझान
आजकल पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे इनसिक्योर (असुरक्षित) लोन लेना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। बैंकों और NBFC ने इस सेगमेंट में सख्ती बढ़ा दी है। आरबीआई के नए नियमों और बढ़ते डिफॉल्ट रिस्क के कारण बैंक अब इनसिक्योर लोन देने में ज्यादा चयनात्मक हो गए हैं।
इस सख्ती के बाद अब उधारकर्ता पर्सनल लोन की जगह एफडी, गोल्ड, शेयर्स या बॉन्ड के बदले सुरक्षित लोन की तरफ रुख कर रहे हैं।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इनसिक्योर लोन पर बैंकों ने सख्ती क्यों की है, इसके बाद कौन से विकल्प उधारकर्ता चुन रहे हैं और क्या आपको भी पर्सनल लोन लेने से पहले इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।
असुरक्षित ऋण क्या होते हैं?
असुरक्षित ऋण (Unsecured Loans) वे होते हैं जो बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे दिए जाते हैं, जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड लोन। इनमें:
बैंक केवल उधारकर्ता की आय, क्रेडिट स्कोर और भुगतान की क्षमता पर भरोसा करते हैं।
लोन अप्रूवल जल्दी होता है, लेकिन ब्याज दरें अधिक होती हैं।
डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक के पास उधारकर्ता से रिकवरी करने के लिए कोई गारंटी नहीं होती।
बैंकों ने असुरक्षित ऋण देने में सख्ती क्यों की?
बढ़ते डिफॉल्ट का रिस्क:
महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के कारण कुछ लोग समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे, जिससे बैंकों के NPA बढ़ने का खतरा है।
आरबीआई के नियम:
नवंबर 2023 में RBI ने पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसी इनसिक्योर कैटेगरी पर रिस्क वेट बढ़ा दिया। इससे बैंकों को इस तरह के लोन पर ज्यादा पूंजी रिजर्व में रखनी पड़ती है।
ब्याज दर में वृद्धि का प्रभाव:
ब्याज दरें बढ़ने पर इनसिक्योर लोन महंगे हो जाते हैं। इससे ग्राहकों में डिमांड घटती है और डिफॉल्ट रिस्क बढ़ता है।
RBI की सख्ती का असर
क्रेडिट कार्ड बकाया की वृद्धि घट गई:
नवंबर 2023 में यह 32.6% थी, फरवरी 2025 में घटकर 11.02% रह गई।
असुरक्षित ऋणों की वृद्धि धीमी हुई:
22.9% से घटकर 7.9% तक पहुंच गई।
ग्राहकों ने सुरक्षित लोन की ओर रुख किया:
एफडी पर लोन दिसंबर 2023 में 6.7% था, फरवरी 2025 में 11.9% हुआ।
शेयर्स/बॉन्ड पर लोन 8.5% से बढ़कर 16.7% हुआ।
गोल्ड लोन 18.6% से बढ़कर 87.4% तक पहुंच गया।
उधारकर्ता किस ओर रुख कर रहे हैं?
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सुरक्षित ऋण (Secured Loans)
ग्राहक अब संपत्ति, एफडी, गोल्ड गिरवी रखकर सस्ते ब्याज दर पर लोन ले रहे हैं। गोल्ड लोन की डिमांड इसलिए बढ़ी है क्योंकि सोने के दाम में तेजी आई है, जिससे लोन अमाउंट भी बढ़ जाता है।
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पीयर-टू-पीयर लेंडिंग (P2P Lending)
कई लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सीधे व्यक्तियों से उधार ले रहे हैं। यहां दस्तावेज कम लगते हैं और शर्तें भी लचीली होती हैं।
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NBFC और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स
NBFC और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म कभी-कभी कम सख्त नियमों पर लोन दे देते हैं। हालांकि इन पर ब्याज दर अधिक हो सकती है, लेकिन प्रक्रिया आसान रहती है।
पर्सनल लोन लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- आपका क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक हो तो अप्रूवल जल्दी और सस्ते ब्याज पर मिल सकता है।
- अपनी आय और ईएमआई क्षमता का आंकलन कर लें।
- लोन की शर्तें, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्जेस भी चेक करें।
- अगर इनसिक्योर लोन महंगा पड़ रहा है, तो गोल्ड या एफडी पर लोन लेने पर विचार करें।
क्या गोल्ड और एफडी लोन लेना बेहतर रहेगा?
फायदे:
- ब्याज दर कम (7%-11%) रहती है।
- अप्रूवल जल्दी मिलता है।
- गोल्ड और एफडी पहले से बैंक में होने पर कम डॉक्युमेंटेशन में लोन मिलता है।
- लंबे टेन्योर और फ्लेक्सिबल भुगतान विकल्प मिलते हैं।
निष्कर्ष
RBI के नए नियमों और बैंकों की सख्ती के चलते इनसिक्योर लोन लेना पहले जितना आसान और सस्ता नहीं रहा। ऐसे में अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं, तो गोल्ड, एफडी, शेयर्स पर लोन या P2P लेंडिंग जैसे विकल्प बेहतर साबित हो सकते हैं।
ध्यान रखें, कोई भी लोन लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और भुगतान क्षमता का सही आकलन करें ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े।
FAQ about Unsecured Loan
इनसिक्योर लोन क्या होते हैं?
वे लोन जो बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे दिए जाते हैं, जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड लोन।
RBI ने इनसिक्योर लोन पर रिस्क वेट क्यों बढ़ाया?
रिस्क और डिफॉल्ट के खतरे को कम करने के लिए।
क्या इससे पर्सनल लोन महंगे हो जाएंगे?
हाँ, बैंकों की लागत बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।
गोल्ड लोन क्यों बेहतर विकल्प है?
कम ब्याज दर, आसान अप्रूवल और लंबे टेन्योर के कारण।
क्या FD पर लोन लेना फायदेमंद रहेगा?
हाँ, FD पर लोन लेने से आपकी FD जारी रहती है और लोन की ब्याज दर भी कम रहती है।
क्या P2P लेंडिंग सुरक्षित है?
अगर रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म से लिया जाए तो यह सुरक्षित विकल्प हो सकता है, पर ब्याज दरें चेक करें।
NBFC और बैंक लोन में क्या अंतर है?
NBFC प्रोसेसिंग में तेज होते हैं पर ब्याज दर अधिक ले सकते हैं, जबकि बैंक सस्ते ब्याज पर लोन देते हैं पर डॉक्युमेंटेशन अधिक होता है।
क्रेडिट स्कोर का क्या महत्व है?
जितना अधिक स्कोर होगा, लोन अप्रूवल और ब्याज दर उतनी बेहतर होगी।
गोल्ड लोन की डिमांड क्यों बढ़ रही है?
सोने की कीमत बढ़ने से गोल्ड लोन में लोन अमाउंट अधिक मिल रहा है और ब्याज दर कम है।
क्या इनसिक्योर लोन पूरी तरह बंद हो जाएंगे?
नहीं, ये मिलते रहेंगे लेकिन शर्तें सख्त और चयनात्मक होंगी।
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