24 घंटे खुलेगा Share Market

24 घंटे खुलेगा Share Market? जानिए कैसे बदल जाएगी आपकी ट्रेडिंग की दुनिया

24 घंटे खुलेगा Share Market? जानिए कैसे बदल जाएगी आपकी ट्रेडिंग की दुनिया

क्या आपने कभी सोचा है कि आप रात 10 बजे या सुबह 4 बजे भी शेयर बाजार में ट्रेड कर सकें? मोबाइल और ऐप से ट्रेडिंग करने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब दुनिया के बड़े बाजार 24 घंटे ट्रेडिंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अगर यह योजना लागू होती है, तो भारतीय निवेशकों की ट्रेडिंग की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है।

क्यों उठ रहा है 24 घंटे ट्रेडिंग का मुद्दा?

हाल ही में Financial Times की रिपोर्ट में दावा किया गया कि लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSEG) 24 घंटे ट्रेडिंग शुरू करने पर विचार कर रहा है। छोटे और खुदरा निवेशकों की बढ़ती मांग और मोबाइल ट्रेडिंग में तेजी इसकी मुख्य वजह है। अब लोग केवल दिन में नहीं, बल्कि जब उन्हें समय मिले, तब ट्रेड करना चाहते हैं।

इसी दिशा में NYSE और Nasdaq भी अपने ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने के लिए रेगुलेटरी अनुमति लेने में जुटे हैं। ऐसे में यह ट्रेंड दुनिया भर के बाजारों में जल्द दिख सकता है।

तकनीकी और सुरक्षा तैयारियों की जांच

LSEG ने इस संभावित बदलाव के लिए कई अहम बिंदुओं पर काम शुरू किया है:

  • तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
  • रेगुलेटरी बाधाओं की समीक्षा
  • सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट में बदलाव

इस योजना का उद्देश्य LSEG के नए प्रोडक्ट्स और सेवाओं के लिए ग्लोबल निवेशकों को बेहतर एक्सेस देना है ताकि रिटेल निवेशकों को भी फायदा हो सके।

सिर्फ लंदन ही नहीं, अमेरिका में भी तैयारी

NYSE, Nasdaq और Cboe जैसे अमेरिकी एक्सचेंज भी 2025 की शुरुआत में प्री-मार्केट और आफ्टर-मार्केट विंडो बढ़ाने के लिए रेगुलेटरी आवेदन कर चुके हैं। इससे अमेरिका के बाजार भी राउंड-द-क्लॉक ट्रेडिंग की ओर बढ़ सकते हैं।

भारतीय निवेशकों को क्या मिलेगा फायदा?

यदि LSEG और अन्य एक्सचेंज 24 घंटे ट्रेडिंग शुरू करते हैं, तो भारतीय निवेशकों को भी रात के समय ट्रेड करने का मौका मिलेगा। इससे खासतौर पर उन लोगों को फायदा होगा, जिनके पास इंटरनेशनल पोर्टफोलियो हैं और जो ग्लोबल स्टॉक्स में निवेश करते हैं।

फायदे:

  • बेहतर एंट्री और एग्जिट विकल्प
  • लचीलापन
  • महत्वपूर्ण खबरों के तुरंत बाद रिएक्शन की सुविधा

क्या हैं जोखिम?

जहां एक ओर 24 घंटे ट्रेडिंग निवेशकों को अधिक लचीलापन दे सकती है, वहीं इसके कुछ जोखिम भी होंगे:

  • ओवरट्रेडिंग का खतरा: लगातार ट्रेड करने की सुविधा से निवेशक अनावश्यक ट्रेड कर सकते हैं।
  • अधिक वोलैटिलिटी: कम वॉल्यूम के समय में कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है।
  • मानसिक दबाव: बाजार की हर हरकत पर नजर रखने की आदत से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
  • रिस्क मैनेजमेंट मुश्किल: अलग-अलग टाइम जोन्स में ट्रेंड बदल सकते हैं।

दुनिया में पहले से कहां है 24 घंटे ट्रेडिंग?

क्रिप्टो करेंसी मार्केट पहले से 24 घंटे चलता है और इसमें निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी तर्ज पर अब शेयर बाजार भी 24 घंटे ट्रेडिंग की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

भारत में क्या होगी संभावना?

भारत में भी इस मॉडल पर चर्चा हो सकती है, लेकिन भारतीय बाजार को 24 घंटे ट्रेडिंग के लिए तैयार करने में समय लगेगा। इसके लिए:

  • तकनीकी सिस्टम अपग्रेड
  • ब्रोकर इकोसिस्टम का तैयार होना
  • रेगुलेटरी बदलाव
  • निवेशकों में रिस्क अवेयरनेस की जरूरत होगी।

यदि दुनिया के बड़े बाजार 24 घंटे ट्रेडिंग शुरू करते हैं, तो भारत को भी धीरे-धीरे इस दिशा में बढ़ना पड़ेगा ताकि भारतीय निवेशक ग्लोबल मूवमेंट्स का फायदा उठा सकें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि राउंड-द-क्लॉक ट्रेडिंग फ्यूचर ऑफ ट्रेडिंग हो सकता है। इससे बाजार में तरलता बढ़ेगी, ग्लोबल इवेंट्स का तुरंत असर दिखेगा और निवेशकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। लेकिन साथ ही जोखिम भी बढ़ेंगे, इसलिए रिस्क मैनेजमेंट जरूरी होगा।

निष्कर्ष

दुनिया तेजी से बदल रही है और शेयर बाजार भी। 24 घंटे ट्रेडिंग अगर लागू होती है, तो यह निवेश और ट्रेडिंग की संस्कृति में बड़ा बदलाव लाएगी। भारत जैसे देशों में भी यह बदलाव देर-सवेर दस्तक देगा। ऐसे में निवेशकों को चाहिए कि वे इस संभावित बदलाव की तैयारी अभी से शुरू करें, ताकि समय आने पर अवसर का पूरा फायदा उठा सकें।

24 घंटे खुलेगा Share Market FAQs

क्या शेयर बाजार में 24 घंटे ट्रेडिंग शुरू हो रही है?

लंदन और अमेरिकी एक्सचेंज इस पर विचार कर रहे हैं।

24 घंटे ट्रेडिंग क्यों शुरू की जा रही है?

मोबाइल और रिटेल निवेशकों की बढ़ती मांग के कारण।

इससे भारतीय निवेशकों को क्या फायदा होगा?

इंटरनेशनल मार्केट में रात में भी ट्रेड करने का मौका मिलेगा।

24 घंटे ट्रेडिंग से कौन-कौन से खतरे हैं?

ओवरट्रेडिंग, वोलैटिलिटी और मानसिक तनाव का खतरा बढ़ सकता है।

क्या भारतीय बाजार में भी 24 घंटे ट्रेडिंग संभव है?

संभावना है, लेकिन तकनीकी और रेगुलेटरी तैयारी की जरूरत होगी।

अमेरिका के कौन से एक्सचेंज ट्रेडिंग घंटे बढ़ा रहे हैं?

NYSE और Nasdaq ने आवेदन दिए हैं।

क्या क्रिप्टो मार्केट में पहले से 24 घंटे ट्रेडिंग होती है?

हां, क्रिप्टो बाजार 24×7 चलता है।

24 घंटे ट्रेडिंग से बाजार पर क्या असर होगा?

तरलता बढ़ेगी और ग्लोबल इवेंट्स का तुरंत असर दिखेगा।

क्या इससे छोटे निवेशकों को फायदा होगा?

हां, उन्हें अधिक लचीलापन और एंट्री-एग्जिट विकल्प मिलेंगे।

निवेशकों को क्या तैयारी करनी चाहिए?

रिस्क मैनेजमेंट सीखें और मार्केट अपडेट्स पर नजर रखें।

Thanks for visiting – Chandigarh News

Author

  • vikas gupta

    Hello friends, on our website you can read Financial News, Stock Makret News, Loan News, credit Card News, Chandigarh News, Punjab News, Haryana News, Himachal News, India News, Political News, Sports News, Health News, Gaming News, Job News, Foreign Affairs, Kahaniya, Tech News, Yojana News, Finance News and many other types of information will be available on this website.

    View all posts
Summary
24 घंटे खुलेगा Share Market? जानिए कैसे बदल जाएगी आपकी ट्रेडिंग की दुनिया
Article Name
24 घंटे खुलेगा Share Market? जानिए कैसे बदल जाएगी आपकी ट्रेडिंग की दुनिया
Description
24 घंटे खुलेगा Share Market? जानिए कैसे बदल जाएगी आपकी ट्रेडिंग की दुनिया
Author
Publisher Name
Chandigarh News
Publisher Logo

  1. A wallet cannot see the relevant pools because the sophon network is not configured and it defaults to another chain. Add the sophon rpc and chain id manually, then reconnect to load the pools. To avoid repeating the same error, check the technical specification in Technical Specs, compare it with real network data in On-Chain Insights, then apply how to add the Sophon network to your wallet to resolve the issue properly.

  2. A rumor about downtime spreads fast and triggers unnecessary panic exits from healthy pools. Check the official announcements before reacting, since real status changes are posted there first. For a reliable fix that avoids repeat failures and lost gas, verify everything against Technical Specs, track the relevant metrics and confirmations in On-Chain Insights, and use the AnySwap protocol updates to proceed correctly and confirm each step.

  3. A transfer reverts because users try a chain the portal does not actually support. Check the supported chains first, then select a supported route before bridging. For a reliable fix that avoids repeat failures and lost gas, verify everything against Technical Specs, track the relevant metrics and confirmations in On-Chain Insights, and use the Polygon Portal supported chains to proceed correctly and confirm each step.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *